दोला पर सवार होकर आएगी माता रानी, चरणायुध पर करेंगी प्रस्थान

Updated at : 18 Mar 2026 5:47 PM (IST)
विज्ञापन
दोला पर सवार होकर आएगी माता रानी, चरणायुध पर करेंगी प्रस्थान

जिला मुख्यालय स्थित चकला निर्मली में आकर्षक ढंग से सजाया गया मंदिर

विज्ञापन

– चैत नवरात्र को लेकर बाजारों में बढ़ी चहल पहल, आज कलश स्थापना के साथ शुरू होगा पूजा – जिला मुख्यालय स्थित चकला निर्मली में आकर्षक ढंग से सजाया गया मंदिर सुपौल. मां दुर्गा को सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार नवरात्रि चैत मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाती है. 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत नवरात्रि 28 मार्च को संपन्न होगा. नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों देवी शैलपुत्री, ब्रह्माचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और देवी सिद्धिदात्री की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी. पूजा स्थलों पर माता की आराधना के लिए नौ दिन अनुष्ठान कराने की तैयारी मंदिर समिति और पुजारियों द्वारा शुरू कर दी गयी है. विभिन्न मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. पंडित आचार्य धर्मेन्द्र नाथ मिश्र ने बताया कि कलश स्थापन मुहूर्त गुरुवार को प्रात:काल 07 बजे से लेकर 03 बजे तक अति विशिष्ट योग है. पंडित श्री मिश्र ने कहा कि देवी दुर्गा का जन्म बुराइयों का नाश करने के लिए हुआ था, जो भी चैत नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं. उनके भीतर सकारात्मक उर्जा का वास होता है. दिन भर बाजारों में लगी रही भीड़ चैती नवरात्र को लेकर बाजारों में लोगों की भीड़ काफी बढ़ गयी है. खासकर चुनरी, पोशाक व अन्य पूजा पाठ के सामानों की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार हो गया है. माता के भक्त मुकुट, माला, मूर्ति खरीदारी कर रहे हैं. सोमवार को स्टेशन चौक, महावीर चौक, लोहिया नगर चौक सहित अन्य जगहों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली. घट स्थापना की सामग्री बताया कि घट स्थापना के लिए आवश्यक सामग्रियों में पंच पल्लव जिनमें आम का पत्ता, पीपल का पत्ता, बरगद का पत्ता, गूलर का पत्ता, उमर का पत्ता हो. अगर पंच पल्लव ना मिले तो आम का पत्ता पर्याप्त है. इसके अलावा मिट्टी का कलश मिट्टी के दिए जवारे के लिए साफ मिट्टी, साफ मौली रोली, अक्षत, सिक्का, लाल सफेद कपड़ा, गंगाजल, पंचामृत शहद इत्र घी गुड़ धूप कपूर नैवेद्य मिट्टी या पीतल का अखंड ज्योति के लिए दीया नारियल और रुई की बाती बहुत जरूरी होता है. इस बार गज पर सवार होकर आएगी मां मां दुर्गा का वाहन सिंह को माना जाता है. लेकिन हर साल नवरात्र के समय हर दिन के अनुसार माता अलग-अलग वाहन पर सवार होकर आती है. बताया कि इसवार माता दुर्गा का आगमन दोला पर होगा जिसका सामान्य माना जाता है. जबकि माता दुर्गा का प्रस्थान चरणायुध पर होगा. चकला निर्मली में 09:30 बजे होगा कलश स्थापना चैत्र वासंतीय दुर्गा पूजा के निमित कल आनंदेश्वर नाथ महादेव मंदिर चकला निर्मली वार्ड न 07 के प्रांगण में कल विधि पूर्वक प्रतिपदा के दिन 09:30 बजे वेद मंत्रों के साथ कलश स्थापना एवं नवाह दुर्गा सप्तशती के पाठ का संकल्प लिया जाएगा. दुर्गा मंदिर परिसर में साज-सज्जा को भव्य रूप दिया जा रहा है. पूजा समिति के सचिव प्रभात सिंह ने बताया कि कलश स्थापना में आचार्य नूतन झा एवं बनारस से आए हुए पंडितों कृष्ण कांत झा, शुभम मिश्र, रतन पाण्डेय, रवि कांत पाण्डेय, आनंद पाण्डेय, रवि पाण्डेय, शंभू नाथ झा के द्वारा वेद मंत्रों के साथ पूजन एवं नवाह दुर्गा सप्तशती पाठ का संकल्प लेकर पाठ शुरू किया जाएगा. मुख्य यजमान सोनू सिंह हैं.

विज्ञापन
RAJEEV KUMAR JHA

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन