सफाई के मामले में अस्पताल प्रबंधन है उदासीन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jan 2016 6:48 PM

विज्ञापन

सफाई के मामले में अस्पताल प्रबंधन है उदासीन फोटो – 9 व 10कैप्सन- अस्पताल परिसर में गंदगी प्रतिनिधि, सुपौल मानव जीवन में स्वच्छता का अहम योगदान है. इसे लेकर सरकार द्वारा कई प्रकार की योजना संचालित है. साथ ही स्वच्छता को लेकर समय – समय पर अभियान भी चलाया जाता है. यहां तक कि छात्रों […]

विज्ञापन

सफाई के मामले में अस्पताल प्रबंधन है उदासीन फोटो – 9 व 10कैप्सन- अस्पताल परिसर में गंदगी प्रतिनिधि, सुपौल मानव जीवन में स्वच्छता का अहम योगदान है. इसे लेकर सरकार द्वारा कई प्रकार की योजना संचालित है. साथ ही स्वच्छता को लेकर समय – समय पर अभियान भी चलाया जाता है. यहां तक कि छात्रों सहित अन्य संस्थानों द्वारा रैली, संगोष्ठी व चर्चा का भी आयोजन होता रहा है. पर, जिले भर के चिकित्सा केंद्रों पर इस दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इस कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर आये मरीजों सहित उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल को आदर्श अस्पताल माना जाता है. अस्पताल प्रबंधन के उदासीन रवैये के कारण परिसर के चहुंओर गंदगी का अंबार लगा रहता है. शौचालय की स्थित बदतरसदर अस्पताल परिसर की साफ सफाई को लेकर प्रबंधन उदासीन बना हुआ है. अस्पताल परिसर में बना शौचालय की स्थिति काफी बदतर है. उक्त शौचालय के आस पास का क्षेत्रों में अधिकांश समय पानी का जमाव बना रहता है. साथ ही उक्त जमाव से निकल रहे सरांध का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है. बावजूद इसके स्वच्छता की दिशा में किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है. कमोबेश जिले भर में संचालित अधिकांश अस्पतालों की स्थिति इस प्रकार की बनी हुई है. आलम यह है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कहीं शुद्ध जल मरीजों को मयस्सर नहीं हो पा रहा है तो कहीं मरीजों को शौचालय सहित अन्य समुचित साधन की व्यवस्था उपलब्ध कराया गया है.स्वस्थ भी यहां बन जाता है मरीज स्वच्छता के मसले पर सदर अस्पताल उपचार कराने आये दर्जनों मरीजों ने बताया कि अस्पताल में गरीब, लाचार व बेबस मरीज ही उपचार कराने आते हैं. बताया कि अस्पताल में सभी प्रकार की दवा भी उपलब्ध नहीं रहती है. साथ ही कई विभागों में कुशल चिकित्सक भी नहीं है. अस्पताल की व्यवस्था इस प्रकार का है कि यहां के शौचालय का उपयोग करना तो दूर, शौचालय के समीप भी जाना पसंद नहीं करते हैं. बताया कि शौचालय के समीप गंदगी इस कदर रहता है कि उसका उपयोग यदि स्वस्थ लोगों द्वारा किया जाय तो वे भी मरीज बन कर ही निकलेंगे. बताया कि साफ सफाई के नाम पर अस्पताल परिसर के कुछ स्थानों पर पाउडर का छिड़काव कर इतिश्री कर लिया जाता है. जबकि वार्ड सहित अन्य स्थानों पर लोगों को सरांध का सामना करना पड़ता है. मरीजों ने बताया कि सरकार द्वारा साफ- सफाई के उपर करोड़ों रुपये की राशि बहाया जा रहा है. लेकिन मरीजों को दी जाने वाली सुविधा पर अस्पताल प्रबंधन मौन रहते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन