जेइ ने दिवार व पिलर तुड़वाया

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Jan 2016 6:39 PM

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जेइ ने दिवार व पिलर तुड़वायामनरेगा भवन के निर्माण में किया गया घटिया सामग्री का उपयोगमामला प्रखंड क्षेत्र के झखाड़गढ़ पंचायत का फोटो -6कैप्सन – कार्रवाई कर भवन के हिस्से को तुड़वाते जेइ.प्रतिनिधि, छातापुरप्रखंड क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली व अनियमितता को लेकर सुर्खियों में रहा झखाड़गढ़ पंचायत एक बार फिर विवादों […]

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जेइ ने दिवार व पिलर तुड़वायामनरेगा भवन के निर्माण में किया गया घटिया सामग्री का उपयोगमामला प्रखंड क्षेत्र के झखाड़गढ़ पंचायत का फोटो -6कैप्सन – कार्रवाई कर भवन के हिस्से को तुड़वाते जेइ.प्रतिनिधि, छातापुरप्रखंड क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली व अनियमितता को लेकर सुर्खियों में रहा झखाड़गढ़ पंचायत एक बार फिर विवादों में घिर गया है. स्थिति यह है कि मुखिया आफताब आलम के देखरेख में निर्माणाधीन मनरेगा भवन के निर्माण कार्य में लोकल बालू व ईंट का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है. मामले के जांचोपरांत पीओ मनरेगा हिमेश कुमार के निर्देश पर कनीय अभियंता दीपक कुमार सोमवार को निर्माण स्थल पर पहुंचे. साथ ही नवनिर्मित दिवार व पिलर को भी तुड़वाया. हैरत की बात है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग किये गये हिस्से को तोड़ कर विभाग ने भी कर्तव्य की इति श्री कर ली. साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने से परहेज किया जा रहा है. प्रावधान अनुरूप कार्य में बरती गयी अनियमितता में अभिकर्ता के बाद जेइ को ही जिम्मेवार माना जाना है. पीओ श्री कुमार के अनुसार वित्तीय वर्ष 13-14 में 11 लाख 13 हजार तीन सौ रुपये की लागत से 2014 में निर्माण कार्य आरंभ किया गया था. योजना संख्या 14 के अभिकर्ता पंचायत रोजगार सेवक थे, जिनके द्वारा कुछ कार्य कराने के बाद निर्माण कार्य को आधा अधूरा छोड़ दिया गया था. हाल के दिनों में विभागीय दबाव के बाद कार्य को फिर शुरू किया गया. पर, भवन निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग कराया जा रहा था. ग्रामीणों द्वारा अनेक बार शिकायत किये जाने पर कार्य स्थल की जांच करायी गयी. शिकायत की पुष्टि होने पर लोकल बालू तथा घटिया ईट के प्रयोग पर रोक लगाने को कहा गया. बावजूद इसके संवेदक द्वारा कार्य जारी रखा गया. जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों का आरोपमामले पर वार्ड सदस्य व ग्रामीणों ने बताया कि लाखों की लागत से निर्माणाधीन मनरेगा भवन निर्माण में आरंभ काल से ही संवेदक द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है. मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जाये, तो वास्तविकता सामने आ जायेगी. इस पंचायत में मनरेगा योजना के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली किये जाने की शिकायत वार्ड सदस्य से लेकर ग्रामीणों द्वारा की जाती रही है. पर, मामले की जांच कर खाओ पकाओ की नीति अपनायी गयी. साथ ही जांच करने आये पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई से परहेज किया गया.कहते हैं कार्यक्रम पदाधिकारीइस संदर्भ में मनरेगा पीओ हिमेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों कि शिकायत पर उन्होंने स्वयं कार्य स्थल पर जाकर निर्माण कार्य की जांच की है. शिकायत की पुष्टि होने के बाद एइ द्वारा निर्माण की तकनीकी जांच करायी गयी थी. जांचोपरांत कार्रवाई हुई है. बताया कि कृत कार्रवाई के मामले में वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है.

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