वद्यिुत विभाग के रवैये से उपभोक्ता परेशान

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विद्युत विभाग के रवैये से उपभोक्ता परेशान बिजली बिल में गड़बड़ी से त्रस्त है उपभोक्तामीटर बदलने के नाम पर मांगा जाता है सुविधा शुल्कप्रतिनिधि, छातापुरमुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता इन दिनों बिजली बिल विपत्र में व्यापक गड़बड़ी की समस्या से जूझ रहे हैं. विभाग द्वारा बिजली बिल विपत्र में खपत से अधिक ऊर्जा […]

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विद्युत विभाग के रवैये से उपभोक्ता परेशान बिजली बिल में गड़बड़ी से त्रस्त है उपभोक्तामीटर बदलने के नाम पर मांगा जाता है सुविधा शुल्कप्रतिनिधि, छातापुरमुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता इन दिनों बिजली बिल विपत्र में व्यापक गड़बड़ी की समस्या से जूझ रहे हैं. विभाग द्वारा बिजली बिल विपत्र में खपत से अधिक ऊर्जा शुल्क जोड़ कर उपभोक्ताओं का जहां आर्थिक शोषण किया जा रहा है, वहीं मीटर लगा कर सेवा प्राप्त कर रहे कई उपभोक्ताओं को लंबे समय से बिल विपत्र नहीं मिलने की चिंता खाये जा रही है. एक साथ दो वर्षों के बिल का भुगतान उनके लिये संभव नहीं हो पायेगा. हैरत कि बात यह है कि लगातार शिकायत किये जाने के बावजूद भी मीटर के नाम पर अवैध वसूली रुकने का नाम नहीं ले रही है. खासकर विपत्र में गड़बड़ी एक बड़ी समस्या उभर कर सामने आ रही है. विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों के सुधार के लिए जब उपभोक्ता विद्युत कार्यालय पहुंचते हैं, तो उनका कोई नहीं सुनने वाला नहीं होता. कनीय अभियंता अभिषेक कुमार उपभोक्ताओं पर ही गड़बड़ी की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया जाता है. उपभोक्ताओं कि समस्या से जेइ भी वाकिफ हैं, लेकिन समस्याओं को दूर करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. दरअसल विद्युत व्यवस्था में लगातार हो रहे सुधार व उपलब्धता के कारण विद्युत सेवा की ओर आम लोगों का झुकाव हुआ है. पर, विपत्र में गड़बड़ी की समस्या उन्हें आर्थिक संकट की ओर ले जा रही है. कहते हैं उपभोक्तामुख्यालय निवासी उपभोक्ता अम्बेदकर कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग लेने के बावजूद तीन से चार गुना अधिक का बिल विपत्र भेज कर भुगतान लिया जा रहा है. शिकायत करने पर कनेक्शन कटवा लेने की धमकी दी जाती है. करहवाना निवासी राहुल कुमार ने बताया कि पिछला बकाया सहित सितंबर, 2015 तक का विल विपत्र 2184 रुपये का भुगतान कर दिये जाने के बावजूद विभाग ने 3184 रुपए अक्तूबर माह का बिल विपत्र भेजा है. इसकी शिकायत करने जब वे कार्यालय पहुंचे, तो कर्मियों ने समस्या दूर करने में असमर्थता जतायी. मदिना खातून के पुत्र मो शाकिर ने बताया कि कनेक्शन लेने के दो माह पूर्व तक सेवा व शुल्क सही था. चार माह पूर्व मीटर जल जाने के बाद न ही नया मीटर लगाया जा रहा है और न ही बिल ही आ रहा है. विभाग को नये मीटर उपलब्ध कराये जाने को लेकर बताया, तो पांच सौ रुपये की मांग की जाने लगी. रुपये नहीं देने के कारण अब तक उन्हें मीटर की सेवा प्रदान नहीं की गयी है.

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