धनतेरस में जम कर हुई खरीदारी

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धनतेरस में जम कर हुई खरीदारी फोटो – 12,13,14कैप्सन – जेवरात, बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक व बाजार स्थित लोगों का चहल पहलप्रतिनिधि, सुपौल जिले भर में कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाये जाने वाले धनतेरस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. धनतेरस के मौके पर सोमवार की देर संध्या तक बाजारों में लोगों की काफी […]

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धनतेरस में जम कर हुई खरीदारी फोटो – 12,13,14कैप्सन – जेवरात, बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक व बाजार स्थित लोगों का चहल पहलप्रतिनिधि, सुपौल जिले भर में कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाये जाने वाले धनतेरस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. धनतेरस के मौके पर सोमवार की देर संध्या तक बाजारों में लोगों की काफी चहल पहल देखी गयी. इस दौरान लोगों ने तरह तरह के सामग्रियों की खरीदारी की. खास कर सोना, चांदी, स्टील, पीतल आदि धातुओं की खरीदारी जम कर हुई. धनतेरस को लेकर दुकानदारों ने अपने दुकानों में कई प्रकार के सामग्रियों को सजा रखा था. ताकि ग्राहकों को भटकना न पड़े. त्रयोदशी को मनाया जाता है धनतेरस धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाये जाने की मान्यताएं रही है. पुराणों के अनुसार देवताओं द्वारा क्षीर सागर का मंथन कराया गया था. मंथन के समय 14 प्रकार के दृश्य उत्पन्न हुआ. जिसमें कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरी व मां लक्ष्मी प्रकट हुए. माता लक्ष्मी के अवतरित होने के उपलक्ष्य पर हिंदू धर्मावलंबियों द्वारा धनतेरस मनाये जाने की परंपरा रही है. इस मौके पर कई महिलाएं त्रयोदशी का उपवास रख कर माता लक्ष्मी की आराधना करती है. संध्या काल महिलाओं ने अपने अपने घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीप जला कर धन व सुख समृद्धि की कामना कामना की. बाजारों में चहल- पहल धनतेरस के मौके पर खरीदारी को लेकर मुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र के बाजारों में महिला व पुरुषों की काफी चहल पहल देखी गयी. वैसे तो प्रत्येक सोमवार को मुख्यालय बाजार में हाट का आयोजन कराया जाता है. लेकिन धनतेरस के दिन खरीदारी करने को लेकर आम दिनों की भांति लोगों में चार गुणा वृद्धि देखी गयी. भीड़ इतनी कि मुख्यालय स्थित स्टेशन रोड व महावीर चौके के आस पास जहां वाहन रेंगते नजर आ रहे थे. वहीं साइकिल व रिक्शा पर सफर कर रहे लोगों को पैदल चलने को विवश होना पड़ा.लक्ष्मी गणेश बना धातुओं की हुई बिक्री जेवरात की दुकान हो या पीतल व स्टील का या फिर इलेक्ट्राॅनिक्स व चिकनी मिट्टी से बना वर्तन. ऐसे सभी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गयी. धनतेरस के मौके पर लोगों ने ससामर्थ्य लक्ष्मी – गणेश के उकेरे हुए चित्र वाले धातुओं की व्यापक पैमाने खरीदारी किया. लोगों का कहना था कि धनतेरस के मौके पर अपने-अपने घरों में धातुओं से बना लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए. विधिवत स्थापित करने से सालों भर घर में धन व धान्य की कमी होती है. मुख्यालय बाजार के स्वर्णकारों ने बताया कि बीते वर्ष सोना के दस ग्राम का मूल्य 28 हजार के करीब था. जबकि इस बार तकरीबन 26 हजार है. वहीं धनतेरस के मौके पर लक्ष्मी- गणेश उकेरे हुए सिक्के की कीमत 450 था. जबकि इस बार ग्राहकों को 380 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है.पीतल व स्टील के दुकानों पर जुटी भीड़ मुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र के बाजार स्थित पीतल व स्टील के दुकानों पर काफी भीड़ लगी रही. इस दौरान दुकानदारों से कोई कह रहा इस बर्तन के कतैक दाम छै. तो कह बोल रहा की ई बर्तन के कीमत कैट लेल जाउ, या फिर कोई ज्यादा वजन का बर्तन दिखाने की बात कर रहा था. धनतेरस के मद्देनजर व्यवसायियों द्वारा अधिकांश डिजाइन किये हुए सामग्रियों को दुकान के बाहर भी सजाया गया था. ताकि ग्राहक आकर्षित होकर अधिक से अधिक खरीदारी करें.

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