तीन वर्ष में ही टूटने लगी सड़क

Published at :16 Sep 2017 4:41 AM (IST)
विज्ञापन
तीन वर्ष में ही टूटने लगी सड़क

लापरवाही. जगह-जगह गड्ढे के कारण आवाजाही करने में होती है परेशानी सुपौल : एमएमजीएस योजना अंतर्गत निर्माण कराये गये पीडब्लूडी सड़क तीन वर्ष बाद ही जगह-जगह टूटने लगी है. उक्त सड़क पर बिखरे गिट्टी व पत्थर के बीच आवाजाही करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इतना ही नहीं सड़क में गिट्टी […]

विज्ञापन

लापरवाही. जगह-जगह गड्ढे के कारण आवाजाही करने में होती है परेशानी

सुपौल : एमएमजीएस योजना अंतर्गत निर्माण कराये गये पीडब्लूडी सड़क तीन वर्ष बाद ही जगह-जगह टूटने लगी है. उक्त सड़क पर बिखरे गिट्टी व पत्थर के बीच आवाजाही करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इतना ही नहीं सड़क में गिट्टी उभरने व जगह-जगह गड्ढे बन जाने के कारण चालकों को वाहनों के परिचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
यह मामला सदर अनुमंडल क्षेत्र स्थित हरदी पश्चिम पंचायत अंतर्गत इटहरी गांव स्थित प्रधानमंत्री सड़क को जोड़ने वाली धपरिया गांव मोहन मंडल घर होते हुए वीणा पथ की है. सड़क जर्जर होने के कारण आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हालांकि ग्रामीणों द्वारा कई बार विभागीय पदाधिकारी को सड़क से अवगत कराया गया है. लेकिन विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. सड़क जर्जर के कारण खासकर बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
दो करोड़ की लागत से बनी थी सड़क
मालूम हो कि इटहरी गांव प्रधानमंत्री रोड से धपरिया गांव मोहन मंडल घर होते हुए वीणा को जोड़ने वाली सड़क की कुल लंबाई लगभग तीन किलोमीटर है. ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सुपौल के अधीनस्थ करवाये गये कार्य की कुल लागत लगभग दो करोड़ बताया जा रहा है. विभाग द्वारा उक्त कार्य एमके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा छह अप्रैल 2014 को पूर्ण किया गया. लेकिन कार्य वर्ष के महज तीन साल बीतने के साथ ही जगह-जगह सड़क टूटने लगी. सड़क टूटते देख ग्रामीणों में आस थी कि सरकारी आदेशानुसार पांच वर्ष तक संबंधित संवेदक द्वारा देख-रेख किया जायेगा. लेकिन संवेदक की मनमानी के कारण तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद जर्जर सड़क की सुधि नहीं ली गयी. ऐसे में सरकारी आदेश संवेदक के लिए कोई मायने नहीं रखता है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क जर्जर होने की सूचना संवेदक को कई बार दी गयी है. लेकिन संवेदक द्वारा आज कल कह कर टाल रहे हैं.
कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण दिनेश प्रसाद मंडल, इंद्रसैन सिंह, जयनारायण मंडल, शंकर प्रसाद सिंह, नारायण मंडल, बरिश लाल मंडल, नेबालाल मंडल, सीताराम राम, देव नारायण मंडल, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह व युवराज मंडल ने बताया कि इस सड़क से लाखों की आबादी जुड़ी है. जिसके कारण ये सड़क इस क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन माना जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क जर्जर रहने के कारण इस सड़क से आवाजाही करने में भारी परेशानी होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन