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राजकीय नलकूप बेकार, रबी की सिंचाई को लेकर बढ़ी चिंता

Updated at : 10 Dec 2024 9:56 PM (IST)
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राजकीय नलकूप बेकार, रबी की सिंचाई को लेकर बढ़ी चिंता

बड़हरिया. प्रखंड में रबी की बुआई खत्म होने वाली है.पहले की गयी रबी की फसल को सिंचाई की जरुरत पड़ने लगी है. सिंचाई के संसाधनों का घोर अभाव है. नहर की शाखाओं में पानी नहीं है.. ग्रामीण अंचल में सिंचाई के मुख्य संसाधनों सरकारी नलकूप हैं. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता व विभागीय लापरवाही के चलते बडहरिया प्रखंड के राजकीय नलकूपों की हालत बदहाल है.

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संवाददाता, बड़हरिया. प्रखंड में रबी की बुआई खत्म होने वाली है.पहले की गयी रबी की फसल को सिंचाई की जरुरत पड़ने लगी है. सिंचाई के संसाधनों का घोर अभाव है. नहर की शाखाओं में पानी नहीं है.. ग्रामीण अंचल में सिंचाई के मुख्य संसाधनों सरकारी नलकूप हैं. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता व विभागीय लापरवाही के चलते बडहरिया प्रखंड के राजकीय नलकूपों की हालत बदहाल है. प्रखंड के दर्जनभर सरकारी नलकूपों में से अधिकांश खराब पड़े हैं.कहीं मशीन खराब है तो कहीं नाले टूटे पड़े हैं. लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है. नलकूप खराब होने से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई को लेकर चिंचित हैं. विदित हो कि सरकार द्वारा एक नलकूप से करीब तीन किलोमीटर की परिधि के खेतों की सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया है. लेकिन विभागीय लापरवाही व प्रशासनिक उदासीनता के कारण नलकूप रूम के बगल के किसानों को भी अपने खेतों में पटवन के लिए निजी बोरिंग का ही सहारा लेना पड़ता हैं. किसानों को मजबूरन निजी संसाधनों से सिंचाई करना पड़ रहा हैं.विभागीय लापरवाही व उदासीनता का आलम यह है कि कई नलकूप की केबल व आपरेटिंग रूम की दरवाजे व खिड़कियां टूट चुके हैं. अधिकांश नलकूपों के नाले टूटकर बिखर चुके हैं.कुछ लोगों ने नालों को अपने खेतों में मिला लिया हैं.प्रखंड के सुंदरी गांव के किसान उमाशंकर साह का कहना है कि प्रखंड के किसानों के सिंचाई के लिए 70 के दशक में लघु सिंचाई विभाग द्वारा सात नलकूपों को लगाया गया था.उसके बाद अन्य सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत कुल 13 नलकूपों की स्थापना की गई. इन नलकूपों की स्थापन से प्रखंड के किसानों को कुछ वर्षों तक सिंचाई का लाभ मिला.कई तरह की समस्याओं के कारण अधिकांश नलकूप बंद होते गए. अभी हालात यह है कि सदरपुर, राछोपाली, भीमपुर, सुंदरपुर, लकड़ी,हलीम टोला, लकड़ी दरगाह, कैलगढ़ सहित अधिकतर सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं. इस कुव्यवस्था से किसानों में फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही हैं.किसान झूलन मिश्र, अशोक कुशवाहा, महेश सिंह,उदय सिंह, सुदर्शन सिंह, नागेंद्र सिंह आदि ने नलकूपों को चालू कराने की मांग प्रशासन से की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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