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siwan news. कोहरे की चादर ने रफ्तार पर लगायी ब्रेक, पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी

Updated at : 11 Dec 2025 9:55 PM (IST)
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siwan news. कोहरे की चादर ने रफ्तार पर लगायी ब्रेक, पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी

कोहरा इतना घना था कि पांच मीटर से आगे देख पाना मुश्किल था, हालांकि 10 बजे के बाद सूर्य की तेज किरणों ने लोगों को थोड़ी राहत दी

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सीवान . गुरुवार को सर्दी की सितम से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सुबह घने कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. इस कारण सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए. हादसों के डर से वाहन लाइट के सहारे रेंगते रहे. कोहरा इतना घना था कि पांच मीटर से आगे देख पाना मुश्किल था. हालांकि 10 बजे के बाद सूर्य की तेज किरणों ने लोगों को थोड़ी राहत दी. ठंड से बचने के लिए लोग घरों की छत, पार्क या मैदान में धूप का आनंद लेते नजर आए. बस और रेलवे स्टेशनों पर लोग ठंड से बचने के लिए इधर-उधर भटकते रहे. घने कोहरे के कारण सीवान से गुजरने वाली ट्रेनों में दो से चार घंटे का विलंब हुआ.

बढ़ रहा कोल्ड स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों का खतरा

ठंड बढ़ने के कारण कोल्ड स्ट्रोक का खतरा लगातार बढ़ रहा है. बच्चों में कोल्ड डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. चिकित्सक कहते हैं कि मौसम बदलते समय विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है. रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए यह मौसम खतरनाक हो सकता है.

गर्म कपड़ों का बाजार हुआ गर्मठंड के बढ़ने से गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है. शहर और ग्रामीण बाजारों में गर्म कपड़ों की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ने लगी है. युवा वर्ग में आकर्षक डिजाइन वाले गर्म कपड़ों की बिक्री खास तौर पर बढ़ी है.

सर्दी में बरतें सावधानी

चिकित्सक सलाह देते हैं कि रात में गर्म भोजन करें, पानी उबालकर पिएं, पर्याप्त पानी पिएं, नित्य स्नान करें और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें. ठंड के शुरुआती दौर में सर्दी, खांसी, बुखार, कोल्ड डायरिया, लकवा, चक्कर और पेट दर्द जैसी बीमारियों का खतरा रहता है.

दिन-रात के तापमान में लगातार गिरावट के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं. सर्दी का मौसम शुरू होते ही करीब 70 फीसदी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं. प्रदूषण या खाने-पीने की महक से एलर्जी बढ़ती है. ठंड में हवा में एलर्जी के तत्व लंबे समय तक रहते हैं, जिससे सर्दी, खांसी, नाक बहना, स्किन एलर्जी, अस्थमा और अन्य एलर्जिक बीमारियां बढ़ जाती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

लेखक के बारे में

By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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