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चेचक के कहर से 48 लोग पीड़ित, मेडिकल टीम ने प्रभावित गांव पहुंच कर पीड़ितों का किया इलाज

Updated at : 29 Mar 2019 1:48 AM (IST)
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चेचक के कहर से 48 लोग पीड़ित, मेडिकल टीम ने प्रभावित गांव पहुंच कर पीड़ितों का किया इलाज

मैरवा : प्रखंड के अटवा गांव में करीब एक सप्ताह से चेचक का आउट ब्रेक हुआ है. चेचक का कहर इतना अधिक है कि पूरे गांव इससे पीड़ित है. स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी गुरुवार को हुई तो विभाग में हड़कंप मच गया. जहां एक तरफ इस बीमारी की रोकथाम के लिए एमआर टीका लगाने […]

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मैरवा : प्रखंड के अटवा गांव में करीब एक सप्ताह से चेचक का आउट ब्रेक हुआ है. चेचक का कहर इतना अधिक है कि पूरे गांव इससे पीड़ित है. स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी गुरुवार को हुई तो विभाग में हड़कंप मच गया. जहां एक तरफ इस बीमारी की रोकथाम के लिए एमआर टीका लगाने का काम चल रहा है.

चेचक से करीब चार दर्जन लोग इससे पीड़ित है. जिनका इलाज चल रहा है. गुरुवार को मैरवा रेफरल अस्पताल से मेडिकल टीम ने गांव पहुंच कर चेचक की चपेट में आने वाले लोगों का उपचार करते हुए जागरूक किया. साथ ही उनके बीच जरूरी दवाएं उपलब्ध करायी.
टीम का नेतृत्व कर रहे रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ कौशल किशोर, डॉ. पंकज कुमार, डॉ बीके रॉय, फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने चेचक से पीड़ित मरीजों का इलाज किया. साथ में दवा का भी वितरण किया. डॉक्टरों ने सभी मिजिल्स से अक्रांत मरीजों को देखा तथा विभाग द्वारा नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराया गया.
लोगों को साफ-सफाई से रहने का निर्देश दिया गया. साथ ही चेचक से अक्रांत मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया. मरीजों का ब्लड सीरम पीएमसीएच या एनएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजा जायेगा.
डॉक्टरों ने गर्मी में अधिक पानी व ओआरएस का घोल पीने की कही बात : मैरवा प्रखंड के अटवा में गर्मी के दस्तक के साथ ही चेचक का प्रकोप बढ़ने की सूचना के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है.
जांच के दौरान अटवा गांव में लगभग 40 से अधिक लोग मिजिल्स की चपेट में मिली. इसकी जानकारी मिलने पर डॉ. कौशल किशोर ने लोगों को बताया कि गर्मी के मौसम में पानी अधिक पीना चाहिए. साथ में ओआरएस का घोल भी पीना चाहिए.
जिससे चेचक एवं अन्य बीमारियों से बचाव किया जा सकता है. उन्होंने स्वास्थ्य लोगों को भी गर्मी के मौसम में अधिक पानी पीने व ओआरएस का घोल पीने के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी विशेष रूप ध्यान देने की सलाह दी है. कहा कि गंदगी व खान-पान से भी चेचक जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है.
ये हुए चेचक से अाक्रांत
अटवा गांव में करीब 15 दिन से चेचक का कहर है. शुरू में ग्रामीणों ने इसे अनदेखा किया. इसके बाद यह प्रकोप धीरे-धीरे गांव में तेजी से फैलने लगा. पहले एक इसके बाद दो लोग इसकी चपेट में आये.
अभी इस बीमारी से करीब 40 से अधिक लोग ग्रसित है. इनमें राजकुमार, सुनीता देवी, नीरज कुमार, अनिता देवी, नीतू कुमारी, स्नेहा कुमारी, रजनी देवी, प्रीति कुमारी, मुस्कना कुमारी, अंकुश कुमार, रामंती देवी व पिंकी कुमारी सहित अन्य पीड़ित लोग शामिल है.
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