बच्ची से दुष्कर्म के बाद गैर गुजरातियों पर हमले तेज, हजारों की संख्या में गुजरात से लौट रहे यूपी और बिहार के लोग

Updated at : 08 Oct 2018 6:59 AM (IST)
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बच्ची से दुष्कर्म के बाद गैर गुजरातियों पर हमले तेज, हजारों की संख्या में गुजरात से लौट रहे यूपी और बिहार के लोग

अहमदाबाद : गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में 14 महीने की बच्ची से दुष्कर्म के बाद राज्य में गैर गुजरातियों पर हमले तेज हो गये हैं. यहां भीड़ द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. रविवार को भी दो जगहों पर बिहार और यूपी के लोगों पर […]

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अहमदाबाद : गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में 14 महीने की बच्ची से दुष्कर्म के बाद राज्य में गैर गुजरातियों पर हमले तेज हो गये हैं. यहां भीड़ द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.
रविवार को भी दो जगहों पर बिहार और यूपी के लोगों पर हमले किये गये. मेहसाणा और साबारकांंठा सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. हजारों की संख्या में उत्तर भारतीय अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. अहमदाबाद और उसके पड़ोसी जिलों में गैर गुजराती वर्षों से रह रहे थे, उन्हें कभी कोई परेशानी नहीं हुई. अधिकतर मामलों में तो मकान मालिक ही उन्हें जाने को कह रहे हैं.
28 सितंबर को हुई दुष्कर्म की घटना हिम्मतनगर कस्बे के पास के एक गांव की है. इस मामले में पुलिस ने बिहार से आये एक व्यक्ति (रघुवीर साहू) को कथित आरोपित के तौर पर गिरफ्तार किया है. इधर, हिंसा के बीच पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी है. डीजीपी ने बताया कि अब तक 342 लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं. विभिन्न जगहों पर सुरक्षाबलों की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है.
अल्पेश ठकोर ने दी सफाई
कांग्रेस विधायक अल्पेश ठकोर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है. हमने कभी हिंसा की वकालत नहीं की है. सभी भारतीय गुजरात में सुरक्षित हैं. बता दें कि अल्पेश ठकोर पर साबरकांठा में दुष्कर्म मामले पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा है. इस घटना के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया को भी हिंसा फैलाने वाले हथियार के रूप में इस्तेमाल किया. साइबर सेल ने अब तक 180 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, पटान और मेहसाना से लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, सुरक्षा बढ़ी; अब तक 342 हिरासत में
सालों से रह रहे थे गुजरात में
मध्यप्रदेश के भिंड से करीब सात साल पहले राजकुमारी अपने पति और बच्चों के साथ गुजरात आयी थी. यहां यह लोग पेंट की दुकान चलाते थे, लेकिन उसके चार साल के बेटे पर हमले के बाद वह लोग काफी डर गये हैं और वापस भिंड जा रहे हैं.
राजकुमारी का कहना है कि उसके पड़ोसी भी वापस जा रहे हैं. मध्यप्रदेश के भिंड से आये धर्मेंद्र ने सात साल तक सूरत में मजदूरी का काम किया. अब वह दो सालों से अहमदाबाद में काम कर रहा है. उसका कहना है कि महज कुछ ही दिनों में हजारों लोग बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश जा चुके हैं.
सीवान : गुजरात में बिहारियों के खिलाफ बढ़ रहे आक्रोश की घटना के बाद वे अपने घर लौटने को विवश हो रहे हैं.फंसे मजदूरों में सीवान जिले के अलावे छपरा, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी सहित अन्य जिलों के लोग शामिल हैं. जैसे ही गांधी नगर व अहमदाबाद में रह रहे लोगों के परिजनों को घटना की जानकारी मिली, तब से परिजन उनसे संपर्क में लगातार रह रहे हैं. अहमदाबाद में रह रहे गोरेयाकोठी प्रखंड के हरिहरपुर काला निवासी मनोज कुमार, काली चरण व शिव कुमार ने बताया कि हमलोगों को सोमवार तक अहमदाबाद छोड़ने की बात स्थानीय लोगों द्वारा कही गयी. उनका कहना था कि जितना जल्द हो सके जगह छोड़ दो, वरना ठीक नहीं होगा. इसके बाद हमलोग डर से घर आ रहे हैं.
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