रीगा में अधेड़ की मौत आंगन में दफनाया शव

Published at :26 Dec 2016 6:37 AM (IST)
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रीगा में अधेड़ की मौत आंगन में दफनाया शव

संग्राम फंदह गांव में हुई घटना रीगा (सीतामढ़ी) : रीगा थाना क्षेत्र के संग्राम फंदह गांव में आनंद शेखर महतो (45) की संदेहास्पद स्थिति में मौत गयी. हैरत की बात यह है कि पड़ोसी व ग्रामीणों को सूचना दिये बिना भाई भूषण महतो ने आंगन में ही गड्ढ़ा खोद शव को दफना दिया. घर में […]

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संग्राम फंदह गांव में हुई घटना

रीगा (सीतामढ़ी) : रीगा थाना क्षेत्र के संग्राम फंदह गांव में आनंद शेखर महतो (45) की संदेहास्पद स्थिति में मौत गयी. हैरत की बात यह है कि पड़ोसी व ग्रामीणों को सूचना दिये बिना भाई भूषण महतो ने आंगन में ही गड्ढ़ा खोद शव को दफना दिया. घर में शव दफनाने की घटना पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं. वहीं, नाराज ग्रामीणों ने श्राद्धकर्म के बहिष्कार का निर्णय लिया है. घटना के बाद इलाके के लोग अनहोनी की आशंका को लेकर दहशत में हैं. आनंद शेखर महतो के घर जाने से परहेज कर रहे हैं. घटना को लेकर परिजनों ने चुप्पी साध रखी है. रीगा थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने घटना की सूचना से इनकार किया है.
रीगा थाना के संग्राम फंदह निवासी महेंद्र महतो के पुत्र आनंद शेखर महतो की शनिवार
रीगा में अधेड़…
की रात मौत हो गयी. उसके भाई भूषण महतो ने रविवार सुबह अपने आंगन में ही शव को दफना दिया. भूषण महतो ने इसकी सूचना न तो पड़ोसियों को दी और न ही ग्रामीणों को. पड़ोसियों को इसकी सूचना मिली, तो लोग नाराज हो गये. यह खबर पूरे गांव में फैल गयी. लोग मौत पर सवाल उठाने लगे. वहीं, आंगन में शव दफनाने की घटना चर्चा का विषय बन गयी.
धार्मिक प्रवृत्ति का था आनंद शेखर. ग्रामीणों के अनुसार, आनंद शेखर महतो धार्मिक प्रवृत्ति का था. वह काफी मेधावी था. माता-पिता की मौत के बाद उसने अध्यात्म की राह पकड़ ली. उसने देश भर के धर्म स्थलों का दौरा किया. आध्यात्मिक प्रवृत्ति की वजह से उसने शादी नहीं की. कुछ समय पूर्व ही वह गांव लौटा था. घर पर भाई-भाभी के साथ रह रहा था. ग्रामीणों के अनुसार आनंद शेखर अकेले रहना पसंद करता था. ऐसा लगता था कि वह जिंदगी से ऊब चुका है. इसी बीच शनिवार की रात उसकी मौत हो गयी. भाई ने आंगन में ही शव को दफना दिया. उसकी मौत कैसे हुई? यह इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. पूर्व मुखिया व पड़ोसी सरयुग प्रसाद ने बताया कि भाई की मौत की सूचना भी भूषण महतो ने किसी को नहीं दी. बताया कि शव को आंगन में नहीं दफनाना चाहिये था. गांव के इतिहास की यह इस तरह की पहली घटना है.
घर में शव दफनाने पर उठ रहा सवाल
ग्रामीण व पड़ोसियों को सूचना
दिये बिना भाई ने दफनाया
ग्रामीणों ने लिया श्राद्धकर्म के बहिष्कार का निर्णय
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