मनीष की गिरफ्तारी से सर्वेश का नेटवर्क ध्वस्त
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Dec 2016 4:46 AM (IST)
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हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में आरोपित है सर्वेश दास दो सालों में वसूले हैं रंगदारी से लाखों रुपये कपड़ा दुकानदार से वसूलता था पांच हजार सीतामढ़ी : हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, रंगदारी समेत कई संगीन मामलों में आरोपित सर्वेश दास का फाइनेंसियल नेटवर्क ध्वस्त हो गया. नगर थाने की पुलिस के […]
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हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में आरोपित है सर्वेश दास
दो सालों में वसूले हैं रंगदारी से लाखों रुपये
कपड़ा दुकानदार से वसूलता था पांच हजार
सीतामढ़ी : हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, रंगदारी समेत कई संगीन मामलों में आरोपित सर्वेश दास का फाइनेंसियल नेटवर्क ध्वस्त हो गया. नगर थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ा मनीष कुमार उर्फ मनीष राम उर्फ प्रेम उर्फ अशांत पासवान अपने सहयोगियों के साथ मिल कर सर्वेश दास के नाम पर खुलेआम रंगदारी की मांग करता था. मनीष के माध्यम से हीं सर्वेश दास का भाई सुधीर दास रंगदारी से वसूल की गयी रकम को सर्वेश तक पहुंचाने का काम करता था. पुलिस ने राहुल राम के साथ मनीष को गिरफ्तार किया है. मनीष ने नगर थाना पुलिस के समक्ष दिये बयान में उक्त बातों का खुलासा किया है.
उसकी बातों पर यकीन करे तो वह पिछले दो वर्ष के दौरान लाखों रुपये की रंगदारी मांग चुका है.
वहीं रंगदारी के एवज में उसे पांच लाख नगद रुपये भी मिले है. इतना हीं नहीं मुजफ्फरपुर के भैरव स्थान के कपड़ा दुकानदार शंभु प्रसाद गुप्ता से 10 लाख रंगदारी की मांग करने के बावजूद पांच हजार रुपये मासिक बतौर रंगदारी की भी वसूल करता था. हालांकि खौफ खाये उक्त व्यवसायी ने पांच लाख का भुगतान भी कर दिया. मनीष राम मुजफ्फरपुर जिले के हथौड़ी थाना अंतर्गत अम्मा गांव निवासी राम स्वार्थ राम का पुत्र है.
डॉक्टर से मांगी थी 20 लाख रंगदारी: ूछताछ में मनीष ने यह भी खुलासा किया है कि उसने अपने सहयोगियों विजय राम पिता कपल राम शंकरपुर पिपराही, गोलू कुमार पिता राम दिवाकर एवं संजीव कुमार पिता रामेश्वर राम, चकमहिला के साथ मिल कर शहर के प्रमुख हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ जयशंकर प्रसाद से 20 लाख रुपये रंगदारी की मांग किया था. रंगदारी की रकम नहीं मिलने पर डॉक्टर को धमकी भी दी गयी थी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनीष के घर छापेमारी की थी.
29 जनवरी को लूटी थी बाइक
यहां बताते चले कि बिहार लिबरेशन टाइगर आर्मी के कमांडर के नाम से मनीष ने खौफ पैदा कर दिया था. इसी के नाम पर वह रंगदारी वसूलता था. इससे पूर्व उसने अपने सहयोगी कृष्णा कुमार, जितेंद्र कुमार, राम ईश्वर उर्फ गुटढृर यादव एवं संजीत कुमार के साथ मिल कर 29 जनवरी 2016 को विश्वनाथपुर फोरलेन के पास बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में पुलिस ने कृष्णा कुमार को गिरफ्तार कर लिया. वह भाग कर मुंबई चला गया. मुंबई से हीं सर्वेश दास के कहने पर रंगदारी के लिए कॉल करने लगा. मुंबई से लौटने के बाद उसकी आपराधिक गतिविधियां जारी रही.
दिल्ली में बना था खिलौना वाला
पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए उसने दिल्ली में खिलौना बेचने का काम भी किया था. वहां वह समस्तीपुर के दीपू कुमार के साथ रह कर उक्त धंधा करता था. इस बीच दिल्ली से लौटने के बाद उसने 18 अगस्त 2016 को शहर के किरण चौक स्थित दवा व्यवसायी विंतेश कुमार से 20 लाख की रंगदारी की मांग की. रंगदारी नहीं देने पर धमकी देता था. 20 दिसंबर 2016 को वह अपने सहयोगी राहुल राम के साथ रंगदारी की रकम वसूलने विंतेश कुमार की दुकान पर आया था. इसी बीच नगर थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
बैंक अकाउंट में रखता था वसूली गयी रकम: इधर पुलिसिया पूछताछ में मनीष ने इस बात का भी खुलासा किया है कि रंगदारी से वसूल की गयी रकम को वह अपने बैंक अकाउंट में डालता था. मनीष ने डुमरा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में अपने नाम का अकाउंट खोल रखा है. उसके अकाउंट में रंगदारी से वसूल की गयी बड़ी रकम होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. संभावना यह भी जतायी जा रही है कि सर्वेश दास कहीं मनीष के बैंक अकाउंट का प्रयोग रंगदारी की बड़ी राशि रखने में तो नहीं कर रहा था? मनीष ने यह कहा है कि उक्त बैंक अकाउंट से राशि का प्रयोग वह सर्वेश दास के केस में वकील के खर्च के तौर पर भी करता है. यहां तक की सर्वेश दास के केस में गवाहों को धमकाने का भी वह काम करता था. संभव है कि पुलिस सर्वेश दास के फाइनेंसियल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मनीष के बैंक अकाउंट को सीज कर सकती है.
क्या कहते हैं एसपी
एसपी हरि प्रसाथ एस ने बताया कि सर्वेश दास समेत अन्य अपराधियों के गुर्गों को दबोचने के लिए पुलिस की स्पेशल टीम अभियान चला रही है. इलाके में सक्रिय गिरोह को दबोचने के लिए छापेमारी की जा रही है. मनीष और राहुल ने पूछताछ में कई अन्य खुलासा भी किया है, जिसके आधार पर नगर थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है.
हरि प्रसाथ एस, एसपी, सीतामढ़ी
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