तनाव . महसौल गोट के लोगों ने कहा, जिसने गुनाह किया उसे पकड़े पुलिस

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Apr 2016 6:47 AM

विज्ञापन

जबरन घर में घुसी पुलिस, बेरहमी से पीटा पुलिस के गिरेबान पर हाथ डालने का परिणाम शातिर माने जानेवाले मेहसौल गोट पंचायत के मुखिया पति सह पंचायत समिति सदस्य मो आरिफ हुसैन के अलावा उनके रिश्तेदारों व समर्थकों को भुगतना पड़ा. मेहसौल के करीब आधा दर्जन से अधिक घरों में तबाही का मंजर देखा जा […]

विज्ञापन

जबरन घर में घुसी पुलिस, बेरहमी से पीटा

पुलिस के गिरेबान पर हाथ डालने का परिणाम शातिर माने जानेवाले मेहसौल गोट पंचायत के मुखिया पति सह पंचायत समिति सदस्य मो आरिफ हुसैन के अलावा उनके रिश्तेदारों व समर्थकों को भुगतना पड़ा. मेहसौल के करीब आधा दर्जन से अधिक घरों में तबाही का मंजर देखा जा रहा है.

जहां बच्चे व महिलाओं के अलावा पुरुषों के आंखों में खौफ व्याप्त है. आरिफ के रिश्तेदार व समर्थकों का पुलिस पर लगाया गया आरोप सत्य है तो मेहसौल में किसी वारंटी को भी गिरफ्तार करने से परहेज करनेवाली जिला पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि वह कानून को हाथ में लेनेवालों को सबक सिखाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. आरिफ की लोकप्रियता देख जनाक्रोश फैलने का कयास मेहसौल की जनता ने अपनी चुप्पी से समाप्त कर दी.

मेहसौल गोट गांव के लोगों ने लगाया आरोप

घरों में बिखरा सामान दिखा की शिकायत

बोले, जिसने गुनाह किया उसे पकड़े पुलिस
महिलाओं में दिख रहा था खौफ
सीतामढ़ी : थाने पर हमले के आरोपित मेहसौल गोट पंचायत के मुखिया पति सह पंचायत समिति सदस्य मो आरिफ हुसैन के अलावा उनके रिश्तेदारों व समर्थकों को मंहगा पड़ा है. पुलिस ने शुक्रवार की रात गांव में छापेमारी की. इस दौरान कई लोगों को पकड़ा गया. पुलिस की कार्रवाई से यहां के लोगों में खौफ है. सब आपस में दबी जुबान से बात कर रहे हैं, लेकिन लोग खुल कर बोलने से डर रहे हैं.
जबरन घर में घुसे, पकड़ कर ले गये
गांव में सुबह 8.30. आरिफ के घर के सामने भीड़ लगी थी. दरवाजा बंद था. घर के अंदर से महिलाओं की चीख व रोने की आवाज आ रही थी. कुछ देर में दरवाजा खुला, तो आरिफ की मामी गुलशन, मौसेरी बहन रहेशा खातून व कामवाली खातमा खातून रोते-बिलखते बाहर निकली. घर के अंदर सामान बिखरा था.
फ्रिज, एसी, आलमारी, तिजोरी, पंखा व कांच सामान टूटा पड़ा था. रसोई घर में भी सामान इधर-उधर बिखरा था. गुलशन ने बताया रात लगभग 12.30 बजे सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने घर के चारों तरफ से घेर लिया और दरवाजा खोलने की बात कहने लगे, जब दरवाजा नहीं खुला, तो कुछ पुलिसकर्मी छत के रास्ते घर के अंदर आ गये और कुछ ने दरवाजा तोड़ दिया. ये लोग आरिफ को खोज रहे थे. आरिफ व उसकी पत्नी मुखिया रौनक जहां को अपने साथ ले गये. आरिफ के परिजनों ने घर से रुपया, सोना-चांदी की लूट का आरोप भी लगाया.
गुनाह आरिफ का, सजा हमें क्यों?
सुबह : 10.32. मेहसौल गोट की पूर्व मुखिया सालेहा परवेज (आरिफ की ससुराल) का घर. यहां भी घर के सामने भीड़ लगी थी. अंदर जाने पर दर्जनों महिलाएं व बच्चे थे. घर के अंदर सामान बिखरा बड़ा है. दो मोटरसाइकिल, टीवी, फ्रिज व वाशिंग मशीन समेत कई सामान क्षतिग्रस्त. पूर्व मुखिया सालेहा बताती हैं कि घर का दरवाजा तोड़ कर पुलिस वाले अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे. वह खौफ से बच्चों को छोड़ कर दूसरे दरवाजा से भाग कर पड़ोसियों से मदद मांगने गयी, लेकिन कोई नहीं आया. आलमारी तोड़ कर रुपया व सोना भी लूट लिया, जो उसके ममेरी ननद गुड्डी खातून के शादी के लिए रखा हुआ था. लौटते वक्त सालेहा बोलती है ‘ भैया बताओ आरिफ के गुनाहों की सजा उसके रिश्तेदारों को क्यों?
मां, पुलिसवाले हैं, मत खोलो
सुबह 11.30. हाजी इसराइल के घर का दरवाजा बंद. बाहर कोई नहीं. दरवाजा खटखटाने पर अंदर से बच्चे की आवाज आती है, मां पुलिसवाले हंै, दरवाजा मत खोलो. छत पर जाकर दो महिलाएं नीचे देखती हैं. परिचय देने पर दरवाजा खुलता है. घर का सामान बिखरा व कांच टूट कर जमीन व बेड पर गिरा था. चूल्हा भी टूटा हुआ था. बच्चों की आंखों मे खौफ नजर आ रहा था. हाजी इसाराइल की पुत्र वधू तुबा तरन्नुम व अख्तरी खातून बताती हैं कि आधी रात को दरवाजा नहीं खोलने पर पुलिस वाले छत के रास्ते से अंदर आ गये. उनके पति को बेरहमी से पीट कर अपने साथ ले गये.
बीमार सास-ससुर को भी नहीं छोड़ा
सुबह 11.50. हबीबुर रहमान के घर का दरवाजा खुला है. अंदर से महिलाएं पुलिस वालों पर गुस्सा हो रही हैं. यहां भी घर के अंदर का सामान बिखरा पड़ा है.
हबीबुर रहमान की नइमा खातून बताती है कि आधी रात को पुलिस वालों ने चारों तरफ से घर घेर लिया. बाहर से गाली देकर दरवाजा खोलने को कह रहे थे. कुछ पुलिस वाले छत के रास्ता से अंदर आ गये. तोड़-फोड़ करने लगे. बुजुर्ग व बीमार सास असमा खातून व ससुर को नहीं छोड़ा. जाते वक्त दवा भी अपने साथ ले गये.
कुछ इसी तरह की कहानी साहिना खातून, रुखसाना खातून, जमीला खातून, कौसन खतून, खैतून निशा, मो हबीब राइन, मो मुर्तुजा व राजा समेत अन्य बता रहे थे. अधिकांश लोगों का कहना था कि अगर आरिफ ने गुनाह किया तो सजा उसे मिलनी चाहिए, गांव वालों को क्यों?
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन