सरकार के आदेश में सुधार के बाद ही खरीदा जा सकेगा धान

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Jan 2016 6:53 PM

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सरकार के आदेश में सुधार के बाद ही खरीदा जा सकेगा धान फोटो नंबर-4, 5 दिसंबर से ही खरीद करनी थी धानपैक्सों को मोबाइल खरीदने को राशि नहींचावल व गोदाम को लेकर मामला फंसा प्रतिनिधि, सीतामढ़ी. जिले के किसी भी पैक्स के द्वारा अब तक धान की खरीद शुरू नहीं की गयी है. कब तक […]

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सरकार के आदेश में सुधार के बाद ही खरीदा जा सकेगा धान फोटो नंबर-4, 5 दिसंबर से ही खरीद करनी थी धानपैक्सों को मोबाइल खरीदने को राशि नहींचावल व गोदाम को लेकर मामला फंसा प्रतिनिधि, सीतामढ़ी. जिले के किसी भी पैक्स के द्वारा अब तक धान की खरीद शुरू नहीं की गयी है. कब तक खरीद शुरू होगी, यह बताने को न तो पैक्स अध्यक्ष और न ही अधिकारी तैयार हैं. बता दें कि 5 दिसंबर से धान की खरीद शुरू किया जाना था. खरीद की अंतिम तिथि 31 मार्च 16 है. वहीं 30 जून 16 तक चावल प्राप्त किया जायेगा. जिला को 88 हजार एमटी धान की खरीद करनी है. इसमें से पैक्सों को 79 हजार 200 एमटी व शेष एसएफसी को करनी है. खरीद में तरह-तरह की समस्याधान की खरीद करना पैक्सों के लिए आसान नहीं रह गया है. इसके एक नहीं बल्कि कई कारण बताये जा रहे हैं. सबसे मुख्य कारण चावल का है. सरकार का कहना है कि उसे एक क्विंटल धान के बदले 67 किलो चावल चाहिए, जबकि पैक्सों का कहना है कि एक क्विंटल धान का 60 किलो ही चावल होता है. इस तरह जब तक सरकार उक्त आदेश में सुधार नहीं करती है, तब तक धान की खरीद नहीं की जायेगी. यह बात पैक्स अध्यक्ष सह परिहार व्यापार मंडल अध्यक्ष मो सऊद आलम ने भी कही है. मोबाइल नहीं खरीदे पैक्स अध्यक्षधान की खरीद करने वाले सभी पैक्स अध्यक्षों को अपने जेब से अंड्राॅइड मोबाइल खरीद करना है. जिले के अधिकांश पैक्स अध्यक्ष यह मोबाइल नहीं खरीद पाये हैं. इसके अलावा नमी मापक यंत्र व तौल मशीन भी खरीद करना है. कम ही पैक्स अध्यक्ष हैं, जिसके पास ही अंड्रॉइड मोबाइल है. बकायेदार नहीं खरीदेंगे धानकुछ पैक्स वैसे हैं, जिनके यहां सहकारिता बैंक का ऋण पूर्व से बकाया है. वैसे पैक्सों को धान की खरीद करने पर रोक लगा दी गयी है. बता दें कि दो दर्जन से अधिक पैक्स अध्यक्षों पर ऋण की राशि गबन कर लेने की बाबत विभिन्न थाना में प्राथमिकी दर्ज है. कई अध्यक्षों ने तो सहकारिता बैंक से ऋण लेकर न धान की खरीद की और न बैंक को राशि लौटायी है. अधिकांश के पास गोदाम नहींप्रशासन द्वारा आदेश निर्गत किया गया है कि धान की खरीद करने वाले पैक्सों के पास कम से कम हजार क्विंटल की क्षमता वाला एक गोदाम जरूरी है. किराया पर भी गोदाम लिया जा सकता है. कम ही पैक्स हैं, जिसका अपना गोदाम है. इन पैक्सों में बोखड़ा प्रखंड का भाउर व बनौल समेत अन्य शामिल हैं. बता दें कि अधिकांश पंचायतों में शायद ही किसी निजी व्यक्ति के पास हजार क्विंटल क्षमता वाला गोदाम होगा. यही कारण है कि पैक्सों को किराया पर भी गोदाम नहीं मिल रहा है और वे धान की खरीद शुरू नहीं कर रहे हैं. प्रखंडों का हालपरिहार. पैक्स संघ के प्रखंड अध्यक्ष मो सऊद आलम कहते हैं कि धान की खरीद का अब तक कोई आदेश नहीं मिला है. वैसे भी खरीद करना आसान नहीं है. अधिकांश किसानों के पास ताजा राजस्व रसीद नहीं होने के कारण भी खरीद नहीं की जा रही है. सुरसंड. बीसीओ संतोष कुमार ने बताया कि प्रखंड के 18 में से 3 पैक्सों क्रमश: डाढ़ावारी, मलाही व कोरियाही को छोड़ अन्य पैक्सों द्वारा धान की खरीद की जायेगी. उक्त तीनों पैक्सों पर बैंक की राशि गबन करने का आरोप है. श्री कुमार ने बताया कि इस बार प्रखंड मुख्यालय में धान क्रय केंद्र नही खुलेगा. पैक्स अध्यक्ष धान नहीं, अब सीधे चावल देंगे. अनुमंडल मुख्यालय में ही केंद्र खोला जाना है. पुपरी. प्रखंड के पैक्स अध्यक्षों ने एक बैठक कर धान की खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है. इसके पीछे अध्यक्षों का कहना है कि इस बार प्रखंड क्षेत्र में धान का उत्पादन काफी कम हुआ है. इसके चलते खरीद करना और न करना बराबर है. बीसीओ शत्रुघ्न मंडल ने बताया कि बाजार समिति में धान क्रय केंद्र खुला है, लेकिन अब तक एक भी किसान धान की बिक्री करने नहीं आये हैं. गबन के आरोप के चलते बेदौल पैक्स को खरीद करने पर रोक लगा दी गयी है. बोखड़ा. प्रखंड क्षेत्र में अब तक एक भी पैक्स द्वारा धान नहीं खरीदा जा रहा है. बोखरा पैक्स अध्यक्ष जयकांत यादव कहते हैं कि चावल के चलते मामला फंस गया है. इस समस्या का निदान होने तक खरीद बंद रहेगा. बीसीओ अनिल कुमार ने बताया कि मिलर व पैक्स अध्यक्षों के बीच एकरारनामा होना है. इसकी कागजी प्रक्रिया जारी है.

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