किये थे अवैध वितरण, अब होगी वसूली

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किये थे अवैध वितरण, अब होगी वसूली बाढ़ राहत वितरण का है मामला 82 लोगों के नाम पर अवैध वितरण राजस्व कर्मचारी को पड़ा महंगा प्रतिनिधि, सीतामढ़ी. रून्नीसैदपुर अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी शत्रुघ्न दास को बाढ़ राहत वितरण में लापरवाही बरतना काफी महंगा पड़ा है. वे 82 लोगों के नाम पर राहत का अवैध […]

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किये थे अवैध वितरण, अब होगी वसूली बाढ़ राहत वितरण का है मामला 82 लोगों के नाम पर अवैध वितरण राजस्व कर्मचारी को पड़ा महंगा प्रतिनिधि, सीतामढ़ी. रून्नीसैदपुर अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी शत्रुघ्न दास को बाढ़ राहत वितरण में लापरवाही बरतना काफी महंगा पड़ा है. वे 82 लोगों के नाम पर राहत का अवैध वितरण कर दिये थे. जांच में इसका खुलासा हुआ था. डीएम के आदेश पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गयी है. दास के अगले तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही अवैध रूप से वितरण किये गये राहत की राशि व खाद्यान्न की राशि 12 फीसदी ब्याज के साथ उनके वेतन से वसूल की जायेगी. क्या है पूरा मामला वर्ष 2007 में शत्रुघ्न दास रून्नीसैदपुर प्रखंड की कौड़िया लालपुर पंचायत में बाढ़ राहत वितरण कार्य में लगाये गये थे. एक तरह से वे राहत वितरण के वहां के प्रभारी थे. यह बात अलग है कि दास उस पंचायत के राजस्व कर्मचारी नहीं थे. राहत वितरण के दौरान जांच में यह सामने आया कि 15 मृतक के नाम पर भी राहत वितरण कर दिया गया है. बेनामी को भी राहत का लाभ जांच में उजागर हुआ था कि दास 10 वैसे लोगों को राहत का लाभ दे दिये हैं, जिस नाम का कोई व्यक्ति ही उस पंचायत में नहीं हैं. दो लापता को भी राहत का लाभ दे दिया गया था. वही, 16 पेंशनधारियों को भी बाढ़ राहत से लाभान्वित करा दिया गया. 24 लोगों को दुबारा राहत कौड़िया लालपुर में राहत वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी. जांच के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया. यानी कुल 82 लोगों को अवैध रूप से राहत दे दिया गया था. 24 लोगों को दोबारा राहत देने का मामला सामने आया था. दो गलत व्यक्तियों के नाम पर राहत सामग्री का उठाव कर लिया गया था. हद तो यह कि एक व्यक्ति को तीन बार खाद्यान्न व राशि दी गयी थी. इस तरह दास द्वारा 82 क्विंटल खाद्यान्न व नगद 16400 का अवैध वितरण किया गया था. दलील हुआ खारिज दास के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चली. उनकी हर दलील को खारिज कर दिया गया. उनका कहना था कि उनके मना करने के बावजूद उक्त पंचायत का राहत प्रभारी बना दिया गया था, जबकि वे वहां के लोगों को नहीं पहचानते थे. हालांकि अपने स्पष्टीकरण में दास ने इससे इनकार नहीं किया था कि उनसे राहत वितरण में गड़बड़ी नहीं हुई है. विभागीय कार्रवाई के संचालन पदाधिकारी की अनुशंसा पर डीएम राजीव रौशन ने श्री दास के अगले तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है. साथ ही श्री दास से 82 क्विंटल खाद्यान व 16400 रुपये 12 फीसदी ब्याज के साथ उनके वेतन से वसूली करने का आदेश दिया है.

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