कालाजार के मरीज का उपचार शुरू

Updated at : 22 Jan 2016 3:59 AM (IST)
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कालाजार के मरीज का उपचार शुरू

मरीज काे नहीं मिल रहा नियमित भोजन फतुहा के ईंट-भट्ठे पर काम करने के दौरान चार माह पूर्व पड़ी थी बीमार शेखपुरा : पटना के फतुहा में ईंट-भट्ठा पर काम करने के दौरान बीमार पड़ी 20 वर्षीय मालो की बीमारी कालाजार निकली. परिजनों ने उपचार के लिए उसे सदर अस्पताल शेखपुरा में भरती कराया गया […]

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मरीज काे नहीं मिल रहा नियमित भोजन

फतुहा के ईंट-भट्ठे पर काम करने के दौरान चार माह पूर्व पड़ी थी बीमार
शेखपुरा : पटना के फतुहा में ईंट-भट्ठा पर काम करने के दौरान बीमार पड़ी 20 वर्षीय मालो की बीमारी कालाजार निकली. परिजनों ने उपचार के लिए उसे सदर अस्पताल शेखपुरा में भरती कराया गया है. पीडि़ता ने बताया कि करीब चार माह पहले जब उसे बुखार और पेट में सूजन की समस्या हुई तब वहां स्थानीय डॉक्टरों ने लंबे समय तक लीवर की बीमारी और बुखार का उपचार किया. परंतु करीब एक सप्ताह पहले जांच के दौरान उसे कालाजार बीमारी होने की बात सामने आयी.
पीडि़ता सदर ब्लॉक के बादशाहपुर गांव निवासी संजय मांझी की पुत्री है. उक्त पीडि़ता का विवाह नालंदा के गौशनगर में हुआ था. वह अपने पति के साथ पटना जिले के फतुहा में ईंट-भट्ठा पर काम करती थी. इसके बाद उसे कालाजार की बीमारी हो गयी.
सदर अस्पताल में कालाजार के उपचार के लिए भरती 20 वर्षीय मालो देवी के समक्ष नियमित रूप से भोजन के लाले पड़े हैं. पीडि़ता ने बताया कि दो दिन से वह सदर अस्पताल में भरती है. वहां शाम के समय पहले तो दवा के लिए अस्पताल को विभिन्न स्थानों का चक्कर लगाना पड़ता है. इसके बाद किसी प्रकार उन्हें दवा मिल पाती है.
हद तो तब हो गयी जब बीती रात्रि भोजन नहीं मिलने के कारण पूरी रात भूखा ही गुजारना पड़ा. कालाचार से पीडि़त मालो देवी के साथ सदर अस्पताल पहुंची दादी चांदो देवी ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले बादशाहपुर और गोसायमढ़ी गांव में कालाजार फैला था. इस दोरान भरती मरीजों को प्रतिदिन के दर से 150 रुपये 28 दिनों तक भुगतान होना था. परंतुु बादशाहपुर गांव की बबीता देवी एवं नट जाती की नटकिन देवी समेत कई लोग भरती हुए थे. उपचार के कई माह बाद तक उक्त राशि के लिए पीडि़तों ने चक्कर लगाया, परंतु आज तक उन्हें राशि का भुगतान नहीं किया जा सका. आखिरकार कई लोग थक हार कर बैठ गये.
क्या कहते हैं अधिकारी :
कालाजार मरीजों का 28 दिनों तक नियमित उपचार के लिए सदर अस्पताल में भरती होने का इंतजाम है. मरीज के साथ एक परिचन को भी भोजन का प्रावधान है. उपचार के दौरान मरीज के लिए इंजेक्शन और टेबलेट का प्रावधान है. ऐसे में इंजेक्शन से इलाज होने पर मरीजों को प्रतिदिन 150 रुपये की दर से भुगतान का प्रावधान है. इस संबंध में भुगतान नहीं होने संबंधित शिकायत मिली तो कार्रवाई की जायेगी.
– डॉ. अरविंद कुमार, टीकाकरण प्रभारी, शेखपुरा
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