आक्रोश. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सकों के खिलाफ किया प्रदर्शन, मामले की होगी जांच
Updated at : 01 Apr 2016 5:37 AM (IST)
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जिंदा बच्ची के मृत घोषित को लेकर बवाल सदर अस्पताल में लगी एंबुलेंस के शीशे को आक्रोशित लोगों ने तोड़ा राजस्थान चौक पिपराही मोड़ पर नवजात बच्ची का शव रख टायर जला किया प्रदर्शन दोषी चिकित्सक की गिरफ्तारी की कर रहे थे मांग एसडीओ व एसडीपीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन तब हुए शांत शिवहर […]
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जिंदा बच्ची के मृत घोषित को लेकर बवाल
सदर अस्पताल में लगी एंबुलेंस के शीशे को आक्रोशित लोगों ने तोड़ा
राजस्थान चौक पिपराही मोड़ पर नवजात बच्ची का शव रख टायर जला किया प्रदर्शन
दोषी चिकित्सक की गिरफ्तारी की कर रहे थे मांग
एसडीओ व एसडीपीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन तब हुए शांत
शिवहर : सदर अस्पताल में गुरुवार को नगरवासियों ने जमकर हंगामा किया. वही पिपराही मोड़ पर नवजात बच्ची का शव रखकर व टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. वे सभी सदर अस्पताल में जन्मी वार्ड 4 निवासी बैजू नाथ साह की नवजात पुत्री को मृत घोषित किये जाने को लेकर आक्रोशित थे.
पीड़ित परिवार का कहना था कि बच्ची जिंदा थी. किंतु चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. जब वे नवजात को सरेह में दफनाने ले गये. तब उसके शरीर में हरकत हुई. उसके बाद उसे पुन: अस्पताल में भर्ती कराया. किंतु डीएस ने अस्पताल की लचर व्यवस्था को छिपाने के लिए बच्ची की इलाज में उपेक्षा कर उसे मार दिया.
समय पर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गयी होती तो नवजात बच्ची जीवित रहती. आक्रोशित ग्रामीणों ने सदर अस्पताल में करीब दो घंटा तक जमकर हंगामा किया. इस दौरान चिकित्सक व एएनएम भय से फरार नजर आये. इस दो घंटे में आने वाले डायरिया व अन्य इमरजेंसी मरीज भटकते नजर आये. इसी बीच नवजात को मुजप्फरपुर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई. एंबुलेस गेट पर लगाया गया. जिससे आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया. उसके बाद मृत नवजात के शव को लेकर उसके पिता व ग्रामीण सड़क पर उतर आये. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने दुकानें बंद करानी शुरू कर दी. फिर पिपराही मोड़ राजस्थान चौक पर एकत्रित होकर शव के साथ टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.
ग्रामीणों का कहना था कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ अनिल कुमार ने उसे मृत घोषित किया. जबकि डीएस डॉ मेंहदी हसन ने नवजात को पुन: अस्पताल में प्राप्त कर इलाज शुरू किया व उपेक्षा व चिकित्सा में लापरवाही से नवजात की मौत हुई है. वे सभी दोषी चिकित्सक को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. वही डीएम व एसपी को जाम स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे. जाम के कारण नगर में करीब तीन घंटों तक आवागमन बाधित रहा. मंडल कारा से कोर्ट में पेशी के बाद लौट रही कैदी वैन भी जाम में फंसी नजर आयी. सूचना मिलने पर एसडीओ लालबाबू सिंह, एसडीपीओ प्रीतिश कुमार व बीडीओ चंद्र भूषण प्रसाद ने जाम स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों को विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया.
तब जाकर जाम समाप्त हुआ. डीएस ने प्रदर्शनकारियों के सभी अारोपों को खारिज कर दिया है. कहा बच्चा मृत पैदा हुआ था. इधर सिविल सर्जन बिसंभर ठाकुर ने कहा कि चिकित्सक नवजात को उपेक्षित कर मार दे. अविश्वसनीय है. फिर भी मामले की जांच करायी जायेगी.
शिवहर : सदर अस्पताल में गुरुवार को नगरवासियों ने जमकर हंगामा किया. वही पिपराही मोड़ पर नवजात बच्ची का शव रखकर व टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. वे सभी सदर अस्पताल में जन्मी वार्ड 4 निवासी बैजू नाथ साह की नवजात पुत्री को मृत घोषित किये जाने को लेकर आक्रोशित थे.
पीड़ित परिवार का कहना था कि बच्ची जिंदा थी. किंतु चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. जब वे नवजात को सरेह में दफनाने ले गये. तब उसके शरीर में हरकत हुई. उसके बाद उसे पुन: अस्पताल में भर्ती कराया. किंतु डीएस ने अस्पताल की लचर व्यवस्था को छिपाने के लिए बच्ची की इलाज में उपेक्षा कर उसे मार दिया.
समय पर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गयी होती तो नवजात बच्ची जीवित रहती. आक्रोशित ग्रामीणों ने सदर अस्पताल में करीब दो घंटा तक जमकर हंगामा किया. इस दौरान चिकित्सक व एएनएम भय से फरार नजर आये. इस दो घंटे में आने वाले डायरिया व अन्य इमरजेंसी मरीज भटकते नजर आये. इसी बीच नवजात को मुजप्फरपुर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई. एंबुलेस गेट पर लगाया गया. जिससे आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया. उसके बाद मृत नवजात के शव को लेकर उसके पिता व ग्रामीण सड़क पर उतर आये.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने दुकानें बंद करानी शुरू कर दी. फिर पिपराही मोड़ राजस्थान चौक पर एकत्रित होकर शव के साथ टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना था कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ अनिल कुमार ने उसे मृत घोषित किया. जबकि डीएस डॉ मेंहदी हसन ने नवजात को पुन: अस्पताल में प्राप्त कर इलाज शुरू किया व उपेक्षा व चिकित्सा में लापरवाही से नवजात की मौत हुई है. वे सभी दोषी चिकित्सक को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. वही डीएम व एसपी को जाम स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे. जाम के कारण नगर में करीब तीन घंटों तक आवागमन बाधित रहा. मंडल कारा से कोर्ट में पेशी के बाद लौट रही कैदी वैन भी जाम में फंसी नजर आयी.
सूचना मिलने पर एसडीओ लालबाबू सिंह, एसडीपीओ प्रीतिश कुमार व बीडीओ चंद्र भूषण प्रसाद ने जाम स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों को विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया. तब जाकर जाम समाप्त हुआ. डीएस ने प्रदर्शनकारियों के सभी अारोपों को खारिज कर दिया है. कहा बच्चा मृत पैदा हुआ था. इधर सिविल सर्जन बिसंभर ठाकुर ने कहा कि चिकित्सक नवजात को उपेक्षित कर मार दे. अविश्वसनीय है. फिर भी मामले की जांच करायी जायेगी.
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