बक्सर में धान खेती की तैयारियां शुरू, 97 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य; अनुदानित बीज की कमी से किसानों की बढ़ी मुश्किल

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धान की रोपाई के लिए तैयार खेतों की तस्वीर

Buxar News: बक्सर जिले में खरीफ मौसम के तहत इस वर्ष 97,782.5 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य तय किया गया है. अब तक 2,344 हेक्टेयर में बिचड़ा डाला जा चुका है, जबकि 9,778.25 हेक्टेयर में बिचड़ा तैयार करने का लक्ष्य है. अनुदानित बीज की आपूर्ति नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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Buxar News: (प्रशांत कुमार राय) बक्सर जिले में खरीफ मौसम की शुरुआत के साथ धान की खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं. कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में कुल 97,782.5 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाएगी. इसके लिए किसानों को बड़े पैमाने पर बिचड़ा तैयार करना होगा. विभाग ने 9,778.25 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा डालने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

अब तक की प्रगति

जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 2,344 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का बिचड़ा डाला जा चुका है. मानसून के आगमन और खेतों की तैयारी को देखते हुए बिचड़ा डालने का कार्य तेजी से चल रहा है. आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है.

किसानों की समस्या

इस बार किसानों को अनुदानित धान बीज की कमी का सामना करना पड़ रहा है. खरीफ मौसम शुरू होने के बावजूद अब तक सरकारी बीज की आपूर्ति नहीं हो सकी है. इस कारण किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर बीज खरीदने को मजबूर हैं. किसानों का कहना है कि समय पर सरकारी बीज मिल जाता तो खेती की लागत कम होती.

कृषि विभाग की तैयारी

कृषि विभाग किसानों को समय पर तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने में जुटा है. बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों ने प्रखंड स्तर पर कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है.

प्रखंडवार स्थिति (बिचड़ा और खेती लक्ष्य)

  • ब्रह्मपुर: 9729.4 हेक्टेयर खेती, 972.94 हेक्टेयर बिचड़ा
  • बक्सर: 8104 हेक्टेयर खेती, 810.4 हेक्टेयर बिचड़ा
  • चौगाई: 3096 हेक्टेयर खेती, 309.6 हेक्टेयर बिचड़ा
  • चक्की: 560 हेक्टेयर खेती, 56 हेक्टेयर बिचड़ा
  • चौसा: 7061 हेक्टेयर खेती, 706.1 हेक्टेयर बिचड़ा
  • डुमरांव: 12200 हेक्टेयर खेती, 1220 हेक्टेयर बिचड़ा
  • इटाढ़ी: 16790 हेक्टेयर खेती, 1679 हेक्टेयर बिचड़ा
  • केसठ: 1955 हेक्टेयर खेती, 195.5 हेक्टेयर बिचड़ा
  • नवानगर: 15385 हेक्टेयर खेती, 1538.5 हेक्टेयर बिचड़ा
  • राजपुर: 20402 हेक्टेयर खेती, 2040.21 हेक्टेयर बिचड़ा
  • सिमरी: 2500 हेक्टेयर खेती, 250 हेक्टेयर बिचड़ा

विशेषज्ञों की राय

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बिचड़ा तैयार होना अच्छी उपज के लिए जरूरी है यदि मानसून सामान्य रहता है और रोपनी समय पर होती है, तो उत्पादन बेहतर हो सकता है. किसानों को उन्नत बीज और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी जा रही है.

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रागिनी शर्मा

लेखक के बारे में

By रागिनी शर्मा

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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