रोहतास में फर्जी जीविका समूह बनाकर महिला के नाम पर निकाला 5 लाख का लोन, FIR दर्ज
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 14 Jun 2026 7:22 PM
धोखाधड़ी की शिकार महिलाएं
Rohtas News: रोहतास के करगहर में पंजाब नेशनल बैंक से फर्जी जीविका समूह बनाकर एक महिला के नाम पर पांच लाख रुपये का लोन निकालने का मामला सामने आया है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गांव की ही तीन महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Rohtas News (रजनीकांत पांडेय): रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है. यहाँ पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की स्थानीय शाखा में फर्जी जीविका समूह बनाकर एक महिला के नाम पर पांच लाख रुपये के लोन की निकासी कर ली गई. इस मामले में शिवन गांव निवासी पीड़िता मंजू देवी ने गांव की ही तीन महिलाओं के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है.
पुलिस को दिए आवेदन में मंजू देवी ने बताया कि उनके गांव की तीन महिलाओं ने मिलकर ‘चांदी जीविका समूह’ नाम का एक फर्जी संगठन बनाया. इस समूह के माध्यम से उनके नाम पर लोन निकाला गया और आरोपियों ने पैसे आपस में बांट लिए.
बैंक में पद का गलत इस्तेमाल कर किया खेल
पीड़िता के अनुसार, इस फर्जी समूह में शिवन गांव निवासी रिंकी देवी (पति- राजेश सिंह) को अध्यक्ष, प्रमिला देवी (पति- विष्णुदयाल सिंह) को कोषाध्यक्ष और पूनम देवी (पति- राजेंद्र सिंह) को सचिव दिखाया गया है. इन तीनों महिलाओं ने कथित तौर पर 20 मार्च 2018 को पीड़िता के नाम पर पांच लाख रुपये का ग्रुप लोन निकाला और आपस में बंटवारा कर लिया. मंजू देवी का कहना है कि उन्होंने लोन के लिए कभी बैंक में आवेदन नहीं दिया और न ही उन्हें कोई राशि प्राप्त हुई.
गाड़ी का लोन लेने पहुंचे पति तो खुली पोल
इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब मंजू देवी के पति जितेंद्र चौधरी एक गाड़ी फाइनेंस कराने के लिए बैंक पहुंचे. वहां बैंक मैनेजर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर पहले से ही एक ग्रुप लोन (खाता संख्या- 2353000100245594) बकाया है. लोन की राशि जमा नहीं होने के कारण बैंक ने उन्हें नया लोन देने से इनकार कर दिया.
बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह इसकी शिकायत करने बैंक मैनेजर के पास गईं, तो उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें थाने जाने को कहा गया. उन्होंने आशंका जताई कि इस फर्जीवाड़े में बैंक के भीतर जीविका समूहों की मदद करने वाले कर्मचारियों की भी संलिप्तता हो सकती है. उन्होंने मामले की बारीकी से जांच करने की मांग की है.
इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद से गांव में जीविका समूहों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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