बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी से प्रशासन सजग

Published at :15 Jan 2016 6:26 PM (IST)
विज्ञापन
बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी से प्रशासन सजग

बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी से प्रशासन सजगजिले के विभिन्न इलाकों में रहते है सैकड़ों बांग्लादेशी, साइकिल से फेरी लगा कर बेचते हैं सामान बाल के बदले देते हैं सोनपापड़ी संवाददाता, छपरा (सारण)चोरी-डकैती के मामलों में बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी ने पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिये हैं. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किराये के […]

विज्ञापन

बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी से प्रशासन सजगजिले के विभिन्न इलाकों में रहते है सैकड़ों बांग्लादेशी, साइकिल से फेरी लगा कर बेचते हैं सामान बाल के बदले देते हैं सोनपापड़ी संवाददाता, छपरा (सारण)चोरी-डकैती के मामलों में बांग्लादेशी अपराधियों की गिरफ्तारी ने पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिये हैं. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किराये के मकान में सैकड़ों की संख्या में बांग्लादेशी रह रहे हैं और फेरी लगा कर सामान बेचने का कार्य कर रहे हैं. फेरी लगा कर सामान बेचने की आड़ में बांग्लादेशियों द्वारा अपराधकर्म की घटनाओं को अंजाम देने का मामला पहली बार सामने आया है. तीन दिनों पहले सीवान में पांच बांग्लादेशियों समेत 12 अपराधियों को पकड़ा गया. पकड़े गये अपराधियों ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि सारण, सीवान, गोपालगंज तथा वैशाली जिलों में वे चोरी-डकैती की घटनाओं को अंजाम देते थे. पकड़े गये पांचों अपराधी सीवान शहर के सराय मुहल्ले में किराये के मकान में रहते थे. रसूलपुर में रहते हैं 100 से अधिक बांग्लादेशीजिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बाजार पर किराये के मकानों में 100 से अधिक बंगलादेशी तीन-चार वर्षों से रहते हैं और ग्रामीण इलाकों में फेरी लगा कर सोनपापड़ी के बदले केश लेते हैं. महिलाओं द्वारा संवारते समय टूटे हुए बाल लेते हैं और बच्चों को बदले में सोनपापड़ी देते हैं. संवारते समय टूटे हुए बाल को महिलाएं जमा कर रखती हैं और बांग्लादेशी फेरीवाले साइकिल से डुगडुगी बजाते हुए जैसे ही पहुंचते हैं, बच्चे केश लेकर उन तक आते हैं. टूटा हुआ बाल देकर सोनपापड़ी लेते हैं. रसूलपुर के अलावा दरियापुर, मकेर, तरैया, परसा समेत अन्य स्थानों पर भी दर्जनों की संख्या में बंगलादेशी रह रहे हैं, जो यही काम करते हैं. इस घटना के बाद अब इन पर इसकी आड़ को अापराधिक घटनाओं को अंजाम देने की आशंका व्यक्त की जा रही है.मतदाता बन चुके हैं कई बांग्लादेशीकिराये के मकान में रहकर फेरी लगाकर सामान बेचनेवाले कई बांग्लादेशी मतदाता भी बन चुके हैं. इसका खुलासा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान हुआ. रसूलपुर पंचायत में दर्जनों बांग्लादेशी लोगों का नाम जोड़ा पाया गया है. वह भी बेघर बार लोगों का नाम. मजे की बात यह है कि जिस मकान में वह किरायेदार हैं, उसमें नाम नहीं जुड़ा है, दूसरे मकानों में रहनेवाले बता कर नाम जोड़ा गया है.इस तरह हुआ खुलासाबूथ लेवल ऑफिसर ने जब मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान घर-घर जाकर सत्यापन किया, तो इसका खुलासा हुआ. वैसे इसमें सरकारी कर्मचारियों-पदाधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है. केस स्टडी -01रसूलपुर पंचायत के मतदाता सूची दर्ज मकान संख्या एक अनंत साह के पुत्र हिरावल साह का है. इसमें कोई किरायेदार नहीं है. इसी मकान का निवासी बता कर मो. दिल मोहम्मद के पुत्र कादिर हुसैन का नाम जोड़ा गया है. वह बांग्लादेशी है और साइकिल से फेरी लगा कर सिर का बाल लेकर सोनपापड़ी देता है.केस स्टडी- 2रसूलपुर पंचायत की मकान संख्या 19 मुनखुन यादव के पुत्र मेघा यादव का है, जिसके होल्डिंग में जाकिर हुसैन की पत्नी हीना बेगम और हदीश मियां के पुत्र सोबराती मियां का नाम जोड़ा गया है. दोनों को इपिक भी निर्गत हो चुका है.केस स्टडी-3रसूलपुर में ही रामप्रीत यादव के पुत्र चंद्रमा यादव की मकान संख्या 45 में खुश मोहम्मद मियां के पुत्र साबिर हुसैन, हदीश मियां के पुत्र खुश मोहम्मद मियां का नाम क्रमश: 1672 व 1673 पर जोड़ा गया है. इन दोनों को भी मतदाता पहचान पत्र निर्गत हो चुका है.केस स्टडी- 4रसूलपुर पंचायत के वार्ड सदस्य वीरबल सिंह का मकान नंबर 50 है. इनके भी मकान का निवासी बता कर बहारन मियां के पुत्र असगर अली का नाम क्रम संख्या 1679 पर जोड़ा गया है और मतदाता पहचान पत्र निर्गत किया गया है.केस स्टडी-5रसूलपुर पंचायत के लगन यादव के पुत्र रंगीला यादव का मकान नंबर 58 है. इसी मकान का निवासी बता कर मुख्तार अंसारी के पुत्र म. आलम का नाम जोड़ा गया है. इसकी क्रम संख्या 1693 है. इसका भी मतदाता पहचान पत्र निर्गत हो चुका है. इसकी पत्नी का नाम मकान संख्या 65 में जोड़ा गया है. केस स्टडी-6रसुलपुर पंचायत के पूर्व चौकीदार स्व. रामेश्वर यादव के पुत्र पूर्व वार्ड सदस्य उपेंद्र यादव की मकान संख्या 65 है, जिनके मकान का निवासी बता कर मो आलम की पत्नी शमीमा बेगम का नाम जोड़ा गया है. शमीमा के पति मो आलम का नाम मकान संख्या 58 में जोड़ा गया है.केस स्टडी-7रसूलपुर के पूर्व मुखिया वेद प्रकाश सिंह उर्फ भोला सिंह का मकान संख्या 90 है, जिसका निवासी बता कर मो जागीर के पुत्र मो सागीर का नाम क्रम संख्या 1706, मो जहांगीर के पुत्र म. फिरोज का क्रम संख्या 1707, मो जहांगीर की पत्नी शहनाज बेगम का क्रम संख्या-1708 पर जोड़ा गया है. तीनों को मतदाता पहचान पत्र भी निर्गत कर दिया गया है. क्या कहते हैं बीडीओइसकी जांच करायी जायेगी और वैसे लोगों का नाम सूची से हटाया जायेगा जो गलत ढंग से जोड़ा गया है. जांच के बाद ही सही बात सामने आयेगी और नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.अखिलेश कुमारप्रखंड विकास पदाधिकारी, एकमा, सारणक्या कहते हैं थानाध्यक्ष रसूलपुर में बाहरी लोगों के रहने की पहले से कोई सूचना नहीं है, लेकिन मकान मालिकों को किरायेदारों के चरित्र का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है. किरायेदारों के गलत कार्य में पकड़े जाने पर मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.मनोज कुमार प्रसादथानाध्यक्ष, रसूलपुर, सारण

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन