तीन मनरेगा पीओ का वेतन रोका

तीन मनरेगा पीओ का वेतन रोका 31 जनवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश 2576 योजनाओं में अब तक 300 योजनाएं ही हो सकीं पूरी 14 जनवरी तक 41 करोड़ 38 लाख 12 हजार रुपये मनरेगा के तहत हुए खर्च डीएम ने सभी प्रखंडों के पीओ के साथ की समीक्षा बैठकसंवाददाता, छपरा (सदर)मनरेगा की […]
तीन मनरेगा पीओ का वेतन रोका 31 जनवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश 2576 योजनाओं में अब तक 300 योजनाएं ही हो सकीं पूरी 14 जनवरी तक 41 करोड़ 38 लाख 12 हजार रुपये मनरेगा के तहत हुए खर्च डीएम ने सभी प्रखंडों के पीओ के साथ की समीक्षा बैठकसंवाददाता, छपरा (सदर)मनरेगा की योजनाओं के लिए निर्धारित लक्ष्य के 50 फीसदी से भी कम लक्ष्य हासिल करनेवाले लहलादपुर, नगरा तथा रिविलगंज के पीओ का वेतन डीएम दीपक आनंद ने रोक दिया है. डीएम शुक्रवार को सभी प्रखंडों के पीओ के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे. बैठक में उन्होंने मनरेगा के तहत मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने, वानिकीकरण, योजनाओं के कार्य के दौरान उनकी फोटोग्राफी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य 2576 योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान यह बात सामने आयी कि अब तक महज 300 योजनाएं ही पूरी हो पायी हैं. बैठक के बाद विभिन्न प्रखंडों में मनरेगा का मजदूर वैसे लोगों को भी बनाये जाने की बात सामने आयी, जिन्हें किसी भी स्थिति में मनरेगा मजदूर नहीं बनाया जाना चाहिए. इस पर डीएम ने सभी पीओ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भी निर्देश दिया. हालांकि सरकार द्वारा विगत तीन-चार वर्षों से फर्जी मनरेगा मजदूरों व उनके नाम पर हो रहे उठाव को लेकर जांच की भी कार्रवाई शुरू की गयी थी. परंतु, सरकार का यह निर्देश कागजों में ही सिमट कर रह गया है. लोगों का आरोप है कि आज भी सैकड़ों की संख्या में मनरेगा मजदूरों के नाम पर अवैध उठाव अधिकतर मुखियाओं व पीआरएस की साठ-गांठ से हो रहा है. 15 लाख 86 हजार 804 मानव दिवस का हुआ सृजनबैठक में यह बात सामने आयी कि चालू वित्तीय वर्ष 15-16 में जिले में 74.52 फीसदी मानव दिवस का सृजन 14 जनवरी तक हो सका है. 21 लाख 83 हजार के बदले 15 लाख 86 हजार 804 मानव दिवस का सृजन हुआ है. सारण जिला मानव दिवस सृजन में चौथे नंबर पर तथा राशि खर्च करने में पूरे बिहार में तीसरे नंबर पर है. डीएम ने 31 जनवरी तक लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में समीक्षा के दौरान मनरेगा की विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक जिले में 41 करोड़ 38 लाख 12 हजार रुपये खर्च किये जा सके हैं. जिले में 35,556 मनरेगा के मजदूर हैं. इनमें सबसे ज्यादा चार हजार 377 मजदूर मढ़ौरा प्रखंड में, तो सबसे कम 250 मनरेगा मजदूर लहलादपुर प्रखंड में हैं. प्रति मजदूर ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश के आलोक में 177 रुपये प्रति कार्य दिवस भुगतान करना है. बैठक में डीआरडीए के निदेशक सह प्रभारी डीडीसी सुमेश बहादुर माथुर ने मनरेगा की प्रगति की जानकारी डीएम को दी.
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