पढ़ रहे थे बाबर को, बना दिये गये कबीर

Published at :15 Jan 2016 12:05 AM (IST)
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पढ़ रहे थे बाबर को, बना दिये गये कबीर

पढ़ रहे थे बाबर को, बना दिये गये कबीरइतिहास के छात्र को दिया होम साइंस का नंबर व हिंदी में प्रमाणपत्रबीएनएमयू की इस गलती से छात्र का भविष्य अधर में एसएनएस कॉलेज में स्नातक कला का छात्र है अभिमन्यु कुमार संवाददाता, सहरसा नगरऐतिहासिक तथ्यों में बाबर को जानने की इच्छा ने इतिहास विषय से स्नातक […]

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पढ़ रहे थे बाबर को, बना दिये गये कबीरइतिहास के छात्र को दिया होम साइंस का नंबर व हिंदी में प्रमाणपत्रबीएनएमयू की इस गलती से छात्र का भविष्य अधर में एसएनएस कॉलेज में स्नातक कला का छात्र है अभिमन्यु कुमार संवाददाता, सहरसा नगरऐतिहासिक तथ्यों में बाबर को जानने की इच्छा ने इतिहास विषय से स्नातक करने चले छात्र परीक्षा परिणाम आते-आते कबीर के प्रशंसक में बदल दिये गये. कुछ इसी प्रकार का कारनामा बीएनएमयू मधेपुरा के तहत शहर के एसएनएस कॉलेज के छात्र अभिमन्यु कुमार को झेलना पड़ रहा है. विश्वविद्यालय की इस हरकत को सही माने तो हिंदी साहित्य के छात्र को इतिहास की तैयारी अनिवार्य रूप से करनी होगी. खास बात यह है कि हिस्ट्री के परीक्षार्थी को डिग्री हिंदी की मिल रही है और गृह विज्ञान में मिले अंकों से संतोष करना पड़ रहा है. यह कोई बकैती नहीं मधेपुरा स्थित बीएनएमयू की सच्चाई है. जहां विश्वविद्यालय द्वारा की गयी गलती की वजह से सर्वनारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय के वर्ष 2013 के छात्र अभिमन्यु कुमार का भविष्य अधर में लटका हुआ है. क्या है मामलाजिले के सर्वनारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय में रामकृष्ण यादव व राधा देवी के पुत्र अभिमन्यु कुमार ने वर्ष 2011 में हिस्ट्री आनर्स से स्नातक करने के लिए दाखिला लिया था. जिसके बाद पंजीयन संख्या एसआरएसएच 25894/2011 के तहत छात्र ने परीक्षा का फार्म भरने के बाद इतिहास विषय की परीक्षा भी दी थी. स्नातक प्रथम, द्वितीय व तृतीय खंड की परीक्षा देने के बाद विश्वविद्यालय से छात्र को गृह विज्ञान (प्रतिष्ठा) में सेकंड क्लास से उत्तीर्ण प्राप्तांक का अंकपत्र जारी कर दिया गया. इसके बाद 28 अगस्त वर्ष 2013 को विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाणपत्र में छात्र को हिंदी विषय से स्नातक उत्तीर्ण छात्र बताया गया. … अगर विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार की गलती की गयी है, तो उसमें सुधार लाया जायेगा, छात्र आवेदन देकर परीक्षा विभाग से प्रमाणपत्रों में सुधार करा सकते हैं. डॉ विनोद कुमार, कुलपति, बीएनएमयू मधेपुरा

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