लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये दिशा निर्देश
Updated at : 18 Jun 2019 5:10 AM (IST)
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छपरा : तापमान में निरंतर बढ़ोतरी परेशानी का सबब बनता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में लू पीड़ितों की संख्या में अचानक वृद्धि को देखते हुए कार्यकारी निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के सुपरिटेंडेंट एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर लू प्रबंधन पर दिशा […]
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छपरा : तापमान में निरंतर बढ़ोतरी परेशानी का सबब बनता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में लू पीड़ितों की संख्या में अचानक वृद्धि को देखते हुए कार्यकारी निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के सुपरिटेंडेंट एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर लू प्रबंधन पर दिशा निर्देश जारी किया है.
पत्र के माध्यम से बताया गया है कि लू पीड़ितों को इसकी रोकथाम की सटीक जानकारी प्रदान कर, सही समय पर बेहतर चिकित्सकीय इलाज मुहैया करा कर एवं लू पीड़ितों के सही आंकड़ों की रिपोर्टिंग से लू पीड़ितों को राहत पहुंचायी जा सकती है.
साथ ही इससे प्रत्येक वर्ष लू से ग्रसित होने वालों की संख्या में कमी भी लायी जा सकती है. पत्र के जरिये स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की लू प्रबंधन पर क्षमता वर्धन कराने की बात कही गयी है. साथ ही एएनएम एवं आशाओं को लू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं एवं इसकी रिपोर्टिंग को लेकर जिला स्तरीय सभी प्रशिक्षणों में एक सेशन रखने की बात बतायी गयी है.
लू के उपचार के लिए जीवन रक्षक दवाइयां जैसे आइवी फ्लूइडस, ओआरएस की उपलब्धता, स्वास्थ्य केंद्रों पर शुद्ध पेय जल की उपलब्धता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त एवं आइसोलेशन बेड की उपलब्धता के साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये गये हैं.
साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों से लू पीड़ितों की रिपोर्टिंग इमेल(ssobihar@gmail.com) पर भेजने के लिए आदेश दिया गया है. सिविल सर्जन मधेश्वर झा ने बताया ज्यादा धूप होने पर खाली पेट न निकलें, धूप में जाएं तो हल्की ढीले-ढाले सूती कपड़े पहने सिर को गमछा/टोपी से ढक कर निकलें.
नवजात एवं बुजुर्गों को अधिक खतरा
महिला एवं बाल मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक लू का सबसे अधिक खतरा नवजात शिशुओं एवं 65 साल से अधिक बुजुर्गों में होता है. इसके अलावा गर्भवती महिलाएं एवं जटिल रोगों (मधुमेह, हृदय रोग, अतिसार जैसे अन्य रोग) से पीड़ित लोगों में भी लू का खतरा अधिक होता है एवं इससे अत्यधिक जटिल समस्याएं पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है.
लू के कारण सब्जियों के पत्ते झुलस रहे
जिस तरह तापमान बढ़ रहा है, वैसे ही सब्जियों के दाम भी बढ़ने शुरू हो गये. दाम बढ़ने का मुख्य कारण गर्मी ही बताया जा रहा है. लू चलने के कारण हरी सब्जियां लगभग नष्ट हो गयी है. यहीं कारण है कि पिछले दस दिनों से हरी सब्जियों के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अगर ऐसा ही मौसम रहा तो इनके दाम और बढ़ सकते है.
लू चलने के कारण पत्ते झुलस रहे है. यहीं कारण है कि अब किसानों ने सिचाई करनी भी शुरू कर दी. लेकिन यह सिचाई भी इतनी कारगार साबित नहीं हो रही है. दो दिन के बाद फिर स्थित पहले जैसी ही बन जाती है. लोग इसके लिए पंप सेट का सहारा ले रहें है.
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