न वेतन, न कोई फीस…फिर भी बच्चों को पढ़ाने पहुंच रहीं सारण की बेटियां, समर कैंप में बनीं टीचर

Published by : Sakshi kumari Updated At : 06 Jun 2026 12:50 PM

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समर कैंप में बच्चों को पढ़ातीं शिक्षक

Saran News: सारण के मढ़ौरा में बिहार सरकार के समर कैंप 2026 में हाई स्कूल की छात्राएं निःशुल्क शिक्षा देकर बच्चों का भविष्य संवार रही हैं. खेल-खेल में पढ़ाई और रोचक गतिविधियों से कमजोर छात्रों को हिंदी और गणित में मजबूत बनाया जा रहा है.

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सारण से मनोकामना सिंह की रिपोर्ट
Saran News:
बिहार सरकार की विशेष शैक्षणिक पहल के तहत चल रहे समर कैंप 2026 में मढ़ौरा की बेटियां प्रेरणा की नई मिसाल बनकर उभरी हैं. स्थानीय हाई स्कूल की छात्राएं स्वेच्छा से शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छोटे बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दे रही हैं. उनकी इस पहल से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है और बच्चों में सीखने का उत्साह भी बढ़ा है.

हाई स्कूल की छात्राएं बनीं बच्चों की मार्गदर्शक

मढ़ौरा प्रखंड के आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, ताकिन (बालक) में संचालित समर कैंप में छात्राएं बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं. आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय में प्रीति कुमारी, अंजली कुमारी और स्वाति कुमारी, जबकि ताकिन विद्यालय में करीना कुमारी, स्नेहा कुमारी और जिया कुमारी छोटे बच्चों को शिक्षा दे रही हैं.

खेल-खेल में पढ़ाई

छात्राएं बच्चों को पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि खेलकूद, गतिविधियों और रोचक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पढ़ा रही हैं. कठिन विषयों को आसान भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया जा रहा है. यही वजह है कि बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ कैंप में भाग ले रहे हैं.

हिंदी और गणित में कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि समर कैंप का मुख्य उद्देश्य कक्षा 5 और 6 के उन बच्चों की मदद करना है, जो हिंदी और गणित जैसे बुनियादी विषयों में कमजोर हैं. बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियां और सरल शिक्षण पद्धति अपनाई जा रही है.

30 जून तक चलेगा विशेष समर कैंप

यह समर कैंप 1 जून से शुरू हुआ है और 30 जून तक नियमित रूप से संचालित किया जाएगा. कैंप के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उनके बौद्धिक और रचनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाई स्कूल की छात्राओं द्वारा निःस्वार्थ भाव से बच्चों को पढ़ाना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है. बेटियों का यह समर्पण न सिर्फ शिक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे रहा है.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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