कॉकरोच जनता पार्टी का ऐलान-आप हमारे सोशल मीडिया पोस्ट हटा सकते हैं, हमें नहीं

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Abhijeet Dipke with sonam wangchuk and supporters

सोनम वांगचुक और समर्थकों के साथ अभिजीत दिपके

Cockroach Janata Party : धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, तानाशाही नहीं चलेगी, जैसे नारों से शनिवार को दिल्ली का जंतर-मंतर गूंज उठा. अन्ना आंदोलन के बाद एक बार फिर जंतर-मंतर पर इस तरह का प्रदर्शन दिख रहा है, जिसे जनसमर्थन मिल रहा है. अभिजीत दिपके इस प्रदर्शन के नेता हैं.

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Cockroach Janata Party : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी(सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन के दौरान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय उनके सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को अभिजीत दिपके प्रदर्शन में शामिल हुए.

अभिजीत दिपके ने कहा-आप हमें हटा नहीं सकते

अभिजीत दीपके के प्रदर्शन को लोगों का भरपूर समर्थन नजर आया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा-मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है. सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे अन्य कामों में लगे हुए हैं. वे हमारे सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर रहे हैं और हमारी पोस्ट डिलीट करवा रहे हैं. ये लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते. उन्होंने यह भी बताया कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जल्द प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्होंने वांगचुक के समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.

मैं आजादी का अंतिम पल जी रहा हूं

अभिजीत दिपके शनिवार सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि जब मैं विमान से उतर रहा था तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं आजादी का अपना अंतिम पल जी रहा हूं. मुझे अपनीचिंता नहीं हैं, मैं शिक्षा व्यवस्था की खामियों को मिटाने के लिए अपनी आजादी का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है और खुद को बेच दिया है. भीड़ की जोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, लेकिन इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है.प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए जिनमें अधिकतर युवा हैं. इनमें से कई लोग कॉकरोच के मुखौटे पहने नजर आए और उनके हाथों में फूल थे. स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

अभिजीत दिपके के प्रदर्शन में शामिल होने वाले अधिकतर लोग स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा और युवा पेशेवर हैं. प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. अभिजीत दिपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया.कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अगर दिपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे.

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कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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