EV स्कूटर की रेंज बढ़ाने में मदद करेंगे ये 5 तरीके, हर राइडर को जरूर पता होनी चाहिए

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EV Scooter Range

Ather Rizta (Photo: Ather Energy)

EV Scooter Range: EV स्कूटर की रेंज आपकी राइडिंग स्टाइल पर काफी हद तक डिपेंड करती है. अगर आप स्मूद ड्राइविंग, सही मोड का यूज, स्टेबल स्पीड और कम ब्रेकिंग जैसी आदतें अपनाते हैं, तो बैटरी ज्यादा देर तक चलती है. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.

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इलेक्ट्रिक स्कूटर्स चलाने में काफी सस्ते पड़ते हैं. लेकिन फिर भी कई लोगों को रेंज को लेकर टेंशन बनी रहती है. असल में स्कूटर की रियल रेंज इस बात पर बहुत डिपेंड करती है कि आप उसे कैसे चलाते हैं. छोटे-छोटे राइडिंग हैबिट्स भी इंडियन ट्रैफिक में रेंज पर बड़ा असर डालते हैं. अगर आप कुछ आसान तरीकों को अपनाएं, तो अपने EV स्कूटर से ज्यादा बेहतर रेंज निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.

अचानक तेज एक्सीलरेशन से बचें

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर का एक्सीलरेटर बार-बार जोर से घुमाते हैं, तो बैटरी जल्दी खत्म होने लगती है. EV स्कूटर में तुरंत पावर मिलती है, जो ट्रैफिक में चलाने में काफी मजेदार लगती है. लेकिन बार-बार तेज एक्सीलरेशन करने से इसकी एफिशिएंसी कम हो जाती है. अगर आप धीरे-धीरे और स्मूद तरीके से थ्रॉटल चलाते हैं, तो स्कूटर कम पावर खर्च करता है और ज्यादा दूरी तय करता है.

स्टेबल स्पीड बनाए रखें

बार-बार स्पीड बढ़ाना और फिर स्लो करना बैटरी की ज्यादा खपत करता है. अगर आप लगातार एक ही स्पीड पर चलाते हैं, खासकर खुली सड़कों पर, तो बैटरी ज्यादा एफिशिएंट तरीके से काम करती है. आमतौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी सबसे अच्छी रेंज नॉर्मल स्पीड पर देते हैं. लेकिन अगर आप हमेशा फास्ट स्पीड से चलाते रहेंगे, तो आपकी बैटरी जल्दी खत्म होगी और कंपनी द्वारा बताई गई रेंज भी कम मिलती है.

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Eco मोड यूज करें

कई लोग अपनी स्कूटी को Sport या Power मोड में चलाते हैं क्योंकि इसमें पिकअप और स्पीड ज्यादा फील होती है. लेकिन इसकी एक कीमत भी होती है. यही कि बैटरी जल्दी खत्म होने लगती है. वहीं Eco मोड थोड़ा पावर कम देता है, लेकिन बैटरी की खपत को काफी हद तक बचाता है. अगर डेली ऑफिस आना-जाना या शहर के अंदर की राइडिंग करनी हो, तो Eco मोड यूज करें.

जरूरत से ज्यादा वजन न रखें

अगर स्कूटर पर जरूरत से ज्यादा वजन डाल दिया जाए तो उसका सीधा असर मोटर और बैटरी पर पड़ता है. बार-बार भारी सामान लेकर चलने से रेंज भी कम हो सकती है. इतना ही नहीं, टायर में कम हवा होना या पीछे भारी पिलियन बैठना भी इसकी एफिशिएंसी को घटा देता है.

बिना जरूरत के ब्रेकिंग को कम करें

भारी ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाना और फिर एक्सीलरेट करने से काफी एनर्जी बर्बाद होती है. अगर आप पहले से आगे का ट्रैफिक देखकर गाड़ी को थोड़ा स्मूद तरीके से चलाएं, तो ड्राइविंग ज्यादा आसान और एफिशिएंट हो जाती है.

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अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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