प्रमाणपत्र के पेच में फंसा 8वीं पास छात्रों का भविष्य

Updated at : 02 Jul 2017 1:08 AM (IST)
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प्रमाणपत्र के पेच में फंसा 8वीं पास छात्रों का भविष्य

विडंबना . 1,70000 छात्रों‍ को नहीं मिला टीसी छपरा (सदर) : सरकारी विद्यालयों में नवीं कक्षा का शैक्षणिक सत्र तीन माह बीत गया. परंतु, अब जिले के 80 फीसदी से ज्यादा आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र नवीं कक्षा में नामांकन तथा पढ़ाई करने में वंचित है. इसकी वजह उन्हें संबंधित विद्यालयों से 8 वीं […]

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विडंबना . 1,70000 छात्रों‍ को नहीं मिला टीसी

छपरा (सदर) : सरकारी विद्यालयों में नवीं कक्षा का शैक्षणिक सत्र तीन माह बीत गया. परंतु, अब जिले के 80 फीसदी से ज्यादा आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र नवीं कक्षा में नामांकन तथा पढ़ाई करने में वंचित है. इसकी वजह उन्हें संबंधित विद्यालयों से 8 वीं कक्षा उत्तीर्णता का प्रमाण पत्र नहीं मिल पाना है. उत्तीर्णता का प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने की वजह सरकार के शिक्षा विभाग के निर्णय तथा उनके अनुपालन में अनावश्यक विलंब है.
जिले के गड़खा में तो 8वीं की उत्तीर्णता का प्रमाणपत्र नहीं मिलने तथा नामांकन नहीं होने से नाराज छात्रों ने जब हंगामा किया तो डीइओ ने मौखिक आदेश जारी कर दिया कि बिना उत्तीर्णता प्रमाण पत्र के भी 9वीं कक्षा में नामांकन संबंधित विद्यालय ले सकते है. ऐसी स्थिति में सरकार के निर्णय के अनुसार 30 जून तक ही नवीं कक्षा में नामांकन लेना था. एक जुलाई से यदि प्रधानाध्यापक डीइओ के द्वारा दिये गये आदेश के आलोक में बिना किसी विभागीय पत्र के आधार पर नामांकन लेते है तो विभाग के वरीय पदाधिकारियों का कोपभाजन बनने की आशंका उन्हें सता रही है.
दो लाख के बदले महज 30 हजार मिला आठवीं पास का प्रमाणपत्र : जिले में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या लगभग दो लाख थी. जिसे लेकर शिक्षा विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों ने शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पूर्व ही दो लाख उतीर्णता का प्रमाण पत्र विभाग से मांगा था. परंतु, तीन माह बितने के बावजूद महज 30 हजार ही 8वीं पास का उत्तीर्णता प्रमाण पत्र जिला को मिला. इसे लेकर शिक्षा विभाग के डीइओ व अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने बार-बार विभाग को पत्राचार किया. परंतु, स्थिति जस की तस रही. अनियमितता रोकने के नाम पर राज्य मुख्यालय के शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने राज्य मुख्यालय से टीसी की छपाई कराकर सभी बीइइओ के माध्यम से विद्यालयों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया.
परंतु, विभाग से उत्तीर्णता का प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण 8 वीं पास छात्रों का नामांकन तथा पढ़ाई बाधित है. अभिभावकों का कहना है कि सरकार की अदुरदर्शी नीतियों के कारण बच्चों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीतने के बाद भी ठप है. शैक्षणिक सत्र के अनुसार 18 जुलाई से 8वीं कक्षा की प्रथम सावधिक परीक्षा होने वाली है. परंतु, जब नवीं कक्षा में छात्रों का नामांकन नहीं हुआ तो फिर वे 18 जुलाई से नवीं कक्षा की प्रथम सावधिक परीक्षा में आखिर कैसे शामिल हों पायेंगे. सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ धन्नजय पासवान का कहना है कि राज्य मुख्यालय से सारण ही नहीं पूरे बिहार में जरूरत से काफी कम टीसी भेजा गया है.
राज्य मुख्यालय से 8वीं उत्तीर्णता का प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र एवं अभिभावकों में नाराजगी है. हालांकि सभी प्रधानाध्यापकों को बिना 8वीं उत्तीर्णता का प्रमाण पत्र के भी नामांकन करने का निर्देश दिया गया है. जिससे छात्र एवं अभिभावकों को परेशानी नहीं हो.
राजकिशोर सिंह,डीइओ, सारण
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