पश्चिम एशिया संकट से बढ़ेगा भारत का 'करंट अकाउंट डेफिसिट', GDP ग्रोथ पर भी ब्रेक का खतरा

(Photo: Freepik & ANI)
Crisil Report: क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 23% उछाल से भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर 2% हो सकता है. इससे देश की जीडीपी ग्रोथ भी घटकर 6.8% रहने की आशंका है.
Crisil Report: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले दिन चुनौतियों भरे हो सकते हैं. क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरक (Fertiliser) के आयात बिल में भारी उछाल आने की आशंका है. इससे न केवल व्यापार घाटा बढ़ेगा, बल्कि देश की कुल जीडीपी ग्रोथ भी सुस्त पड़ सकती है.
कच्चा तेल और बढ़ता आयात बिल
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आधार पर 23% की बढ़ोतरी पेट्रोलियम आयात बिल को काफी बढ़ा देगी. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, ऐसे में बढ़ती कीमतें घरेलू मांग और खरीदारी की शक्ति (Purchasing Power) को कमजोर कर रही हैं.
CAD पर दोहरा हमला: एक्सपोर्ट और रेमिटेंस
- निर्यात में बाधा: वैश्विक मांग में कमी और बढ़ते शिपिंग व बीमा खर्च के कारण भारत से होने वाले एक्सपोर्ट पर दबाव बढ़ेगा.
- रेमिटेंस (Remittance) का जोखिम: पश्चिम एशिया से भारत को बड़ी मात्रा में धन प्रेषण (Remittance) प्राप्त होता है. वहां काम करने वाले भारतीयों की आय में कमी आने से यह बाहरी फंड भी प्रभावित हो सकता है.
GDP ग्रोथ पर पड़ेगा असर
क्रिसिल ने अपने ‘डाउनसाइड सिनेरियो’ (प्रतिकूल स्थिति) में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1% से घटाकर 6.8% कर दिया है. ऊर्जा की बढ़ती लागत विनिर्माण (Manufacturing), निर्माण (Construction) और सेवा क्षेत्र (Services) की रफ़्तार को धीमा कर सकती है.
| आर्थिक संकेतक | बेस केस (सामान्य) | एडवर्स सिनेरियो (प्रतिकूल) |
| CAD (जीडीपी का %) | 1.5% | 2.0% |
| GDP ग्रोथ रेट | 7.1% | 6.8% |
| कच्चा तेल (कीमत) | स्थिर | 23% सालाना बढ़ोतरी |
| मुख्य जोखिम | सामान्य मुद्रास्फीति | उच्च महंगाई और करेंसी पर दबाव |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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