अनुदेशकों को हर महीने मिलेंगे 17,000, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खारिज हुई UP सरकार की पुनर्विचार याचिका

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अनुदेशकों को हर महीने मिलेंगे 17,000 (AI सांकेतिक तस्वीर)

अनुदेशकों को हर महीने मिलेंगे 17,000 (AI सांकेतिक तस्वीर)

UP News: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2017 से बढ़े हुए मानदेय के अनुसार बकाया एरियर का भुगतान करने का निर्देश दिया है. अदालत ने यूपी सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है.

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UP News: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को वर्ष 2017 से बढ़े हुए मानदेय के अनुसार बकाया एरियर का भुगतान करने का निर्देश दिया है. अदालत ने 4 फरवरी 2026 के अपने फैसले को बरकरार रखते हुए यूपी सरकार की पुनर्विचार याचिका और ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग दोनों खारिज कर दी हैं.

सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि 4 फरवरी 2026 के फैसले में ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं है, जिसके चलते उसकी समीक्षा की जाए. अदालत ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका के साथ-साथ ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग भी खारिज कर दी. अब सरकार को मूल आदेश के अनुसार अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय और वर्ष 2017 से बकाया एरियर का भुगतान करना होगा.

2017 से लंबित था बढ़ा हुआ मानदेय

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुदेशकों का मानदेय वर्ष 2017 में 8,470 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह निर्णय लागू नहीं हो सका. इसके विरोध में अनुदेशकों ने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ का दरवाजा खटखटाया. बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अनुदेशकों को राहत मिली.

अब भुगतान प्रक्रिया होगी तेज

अनुदेशकों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता दुर्गा तिवारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर बढ़े हुए मानदेय के साथ वर्ष 2017 से लंबित एरियर का भुगतान करना होगा. कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया.

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कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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