आगरा समेत 6 जिलों में जगी विकास की नई उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट ने हटाई TTZ में उद्योग लगाने की अड़चन

सुप्रीम कोर्ट ने हटाई TTZ में उद्योग लगाने की अड़चन (AI)
UP News: सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को बड़ी राहत दी है. अब पर्यावरण अनुकूल और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को मंजूरी के लिए बार-बार अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इस निर्णय से आगरा सहित टीटीजेड के छह जिलों में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
UP News: ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में उद्योग लगाने का इंतजार कर रहे उद्यमियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिली है. अब पर्यावरण अनुकूल और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को मंजूरी के लिए हर बार अदालत का रुख नहीं करना पड़ेगा. इस फैसले से आगरा समेत टीटीजेड के छह जिलों में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि टीटीजेड के लिए असेसमेंट स्टडी और विजन डॉक्यूमेंट तैयार होने में देरी के कारण औद्योगिक आवेदनों को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता. फैसले के बाद आगरा स्थित नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स में उद्यमियों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई. चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सूची में चैंबर द्वारा भेजे गए आवेदन भी शामिल हैं और यह फैसला क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देगा.
एमएसएमई और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को मिलेगा लाभ
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला खासकर उन एमएसएमई इकाइयों के लिए राहत लेकर आया है, जो बिजली या प्राकृतिक गैस आधारित गैर-प्रदूषणकारी उद्योग स्थापित करना या उनका विस्तार करना चाहती हैं. वहीं, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने इसे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि अब निवेशकों का टीटीजेड क्षेत्र की ओर रुझान बढ़ेगा.
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. केसी जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड प्राधिकरण को करीब 410 लंबित औद्योगिक आवेदनों पर निर्णय लेने की अनुमति दी है. हालांकि, टीटीजेड का विजन प्लान और पर्यावरणीय आकलन जैसे कुछ मुद्दे अभी लंबित हैं. उन्होंने कहा कि अदालत का यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ताजमहल की सुरक्षा के साथ उद्योगों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ताजमहल को वायु प्रदूषण से सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 1996 से ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं. करीब 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में अब केवल पर्यावरण अनुकूल और गैर-प्रदूषणकारी एमएसएमई इकाइयों के लंबित आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा. अदालत ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन की जांच केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) के विशेषज्ञों की निगरानी में होगी. यदि किसी आवेदन पर विशेषज्ञ आपत्ति जताते हैं तो उसे सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना मंजूरी नहीं दी जाएगी. अदालत ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका और सतत विकास के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है.
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By Komal Agarwal
कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.
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