डिजिटल मैप पर दिखेगा छपरा नगर निगम, जून तक पूरा होगा सभी 45 वार्डों का प्रॉपर्टी सर्वे

नगर निगम छपरा जल्द ही डिजिटल मैप पर नजर आने वाला है. जीआइएस के तहत संपत्ति सर्वे का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है.
छपरा. नगर निगम छपरा जल्द ही डिजिटल मैप पर नजर आने वाला है. जीआइएस के तहत संपत्ति सर्वे का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत 22 नंबर वार्ड का सर्वे पूरा किया जा चुका है, और अब 11 और वार्डों का सर्वे भी लगभग पूरा हो चुका है. जून तक नगर निगम क्षेत्र के सभी 45 वार्डों का सर्वे पूरा कर लिया जायेगा. इस प्रक्रिया के साथ ही 11 नंबर यूनिक आइडी भी होल्डिंग धारकों को दिया जाने लगेगा, जो एक प्रकार से घर का पहचान पत्र होगा, जिसमें घर के भौगोलिक स्थिति से संबंधित तमाम जानकारियां होंगी.
पिछले साल शुरू हुई थी यह योजना
यह योजना पिछले साल दिसंबर में शुरू की गयी थी. इस योजना को लेकर नगर निगम में महापौर की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गयी थी, जिसमें नगर निगम के अधिकारी और मैपिंग कार्य पूरा करने वाली एजेंसी के कर्मी उपस्थित थे. बैठक में पूरी प्रक्रिया को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से साझा किया गया था. बताया गया था कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से बेस मैप और संपत्ति सर्वे डेटा के आधार पर प्रॉपर्टी इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर तैयार किया जायेगा, जिससे नगर निगम का अपना अलग इ-रजिस्टर बनेगा. सर्वे का काम एजेंसी सीई इन्फो सिस्टम को सौंपा गया था. एजेंसी के अधिकारी तनुज सिंह ने बताया कि इस डिजिटल हाउस नंबर से शहरी योजना और नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया जा सकेगा. अब इस कार्य को युद्धस्तर पर संपादित किया जा रहा है, ताकि जून तक यह पूरा हो सके.डोर-टू-डोर सर्वे जारीइस योजना को सफल बनाने के लिए नगर विकास विभाग की ओर से छपरा का सैटेलाइट इमेज पहले उपलब्ध कराया गया था और इसी आधार पर सर्वे का काम पूरा किया जा रहा है. डोर-टू-डोर हो रहे सर्वे के आधार पर सभी जगहों की जीआइएस मैपिंग की जा रही है और इसके जरिए तय किया जा रहा है कि कौन सी प्रॉपर्टी कितने क्षेत्रफल में है और उसकी प्रकृति क्या है.
एजेंसी की जिम्मेदारी
सर्वे एजेंसी द्वारा वार्डों की प्रशासनिक व स्लम सीमाएं, भवन निर्माण और प्लॉट विकास क्षेत्र, वॉटर बॉडीज, लैंडमार्क, कॉलोनी बाउंड्री सहित अन्य आधारभूत जानकारी एकत्र की जा रही है. इसके अलावा, निगम के पास मौजूद आंकड़ों का सत्यापन और पर्यावरणीय डेटा का मूल्यांकन भी किया जा रहा है.तीन चरणों में पूरा होगा काम
जीआइएस मैपिंग और प्रॉपर्टी सर्वे का काम तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है. पहले चरण में वार्ड का विस्तृत जीआइएस आधारित नक्शा तैयार किया जायेगा. दूसरे चरण में प्रॉपर्टी सर्वे का काम होगा. तीसरे चरण में जीआइएस एप्लीकेशन विकसित कर नक्शे से प्रॉपर्टी डेटा को अटैच किया जायेगा. यह काम जोन, सेक्टर और होल्डिंग के आधार पर किया जा रहा है.
नौ नंबर का यूनिक प्लेट होगा जारी
मैपिंग के बाद मकान मालिक को उसकी पूरी जानकारी मिलेगी, जैसे मकान की लंबाई-चौड़ाई और चौहद्दी. नगर निगम नौ नंबर का यूनिक प्लेट भी जारी करेगा, जो मकान का आधार नंबर होगा. यूनिक नंबर प्लेट को तीन भागों में बांटा जायेगा. पहला भाग जोन का होगा. दूसरा भाग सेक्टर का होगा. तीसरा भाग होल्डिंग नंबर का होगा. इस यूनिक नंबर से वार्ड में किसी भी घर को ढूंढना बहुत आसान हो जायेगा.क्या बोले अधिकारी
सर्वे का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. जल्द ही लोगों के हाथों में घर का 11 नंबर का यूनिक आइडी होगा. जून तक सर्वे पूरा होने का उम्मीद है.अनीश कुमार राय, सिटी प्लानर, नगर निगम छपराक्या बोले एजेंसी के अधिकारी
अभी तक 12 वार्डो का सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है. जून तक सभी 45 वार्ड का सर्वे का काम पूरा कर लिया जायेगा और उसके बाद 11 नंबर का यूनिक आइडी का वितरण भी शुरू कर दिया जायेगा.
कंचन कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीई इन्फो सिस्टम लिमिटेडप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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