Samastipur News:मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लेने के लिये कोई शुल्क नहीं लगता : डीएम

बिहार सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिये मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है.
Samastipur News: समस्तीपुर : बिहार सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिये मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है.7 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री के द्वारा इस योजना की शुरुआत की गयी है. ये बातें अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कही. उन्होंने कहा कि बिहार की निवासी कोई भी महिला जो इसके प्रावधान के अंतर्गत आती है, उसे इसका लाभ मिलेगा. लाभार्थी महिला काे शुरुआत में दस हजार रुपये दिये जायेंगे. उसके बाद आगे आने वाले समय में वे जो भी रोजगार करना चाहते हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से दो लाख रुपये तक दिये जायेंगे. ये योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अलग-अगल तरीके से शुरु की गयी है.ग्रामीण क्षेत्राें में जीविका की स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जायेगा. ग्रामीण क्षेत्र की जो महिला इस योजना का लाभ लेना चाहती है, उन्हें अपने आपको जीविका स्वयं सहायता समूह से जोड़ना होगा. जो महिला पहले से जुड़ी है वे सीधे इससे लाभान्वित होगी. जो महिलायें नये रूप से इसमें जुड़ना चाहती है, वे अपना आवेदन सीधे जीविका स्वयं सहायता समूह में देंगी.
लाभार्थी किसी कार्यालय व व्यक्ति विशेष से के चक्कर में नहीं पड़े, सीधे स्वयं सहायता समूह में आवेदन करें
इसमें किसी भी अन्य कार्यालय और व्यक्ति विशेष के माध्यम से आवेदन देने की कोई प्रक्रिया नहीं है.समूह में ही वे आवेदन देंगी और समूह में जोड़ने का जो अंतिम निर्णय होगा वे समूह की महिलायें ही लेंगी. प्रशासन के पदाधिकारी से लेकर किसी बाहरी व्यक्ति का इसमें कोई रोल नहीं है. शहरी क्षेत्र में समूह से जुड़ी महिलायें एएलओ के द्वारा आवेदन देंगी और शहरी क्षेत्र की जो महिलायें किसी समूह से नहीं जुड़ी हुई हैं, विभाग के द्वारा 10 सितंबर से उनके लिये विभाग के द्वारा अगल से एक पोर्टल बनाया जा रहा है, जिसमें वे अपना आवेदन स्वयं भरेंगी.आवेदन भरने के बाद उन्हें भी स्वयं सहायता समूह से जोड़ने की प्रक्रिया की जायेगी. उनके आवेदन को स्वीकृत करते हुये उन्हें स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जायेगा. उसके बाद उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जायेगा. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में 7 सितंबर से और शहरी क्षेत्र में 10 सितंबर से शुरू की गयी है. इस याेजना की खास बात है कि इसमें कोई अंतिम तिथि सरकार की ओर से निर्धारित नहीं की गयी है. लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन करें. सत्यापन के बाद उन्हें लाभान्वित किया जायेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आवेदन दें.उसके बाद उनका नाम समूह में जोड़ा जायेगा. इसके लिये कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गयी है. जैसे-जैसे वे इसमें जुड़ती जायेगी वैसे-वैसे उन्हें लाभान्वित किया जायेगा. अगले चरण में जो उनकी कार्य योजना है, उसका मूल्याकंन करते हुये, वे किस तरह की रोजगार करना चाहती है क्या उनका स्वरोजगार है. समूह से इस कारण उन्हें जोड़ा जा रहा है, वे एक दूसरे को चेक एंड बैलेंस करने का काम करती रहेंगी. जीविका से जो महिलायें जुड़ती हैं, उन्हें एक दूसरे से सीखने का मौका मिलता है, उन्हें जो राशि मिलती है, उसका कुछ लोग सही तरीके से उपयोग नहीं करते हैं,इन सब चीजों पर पर भी समूह के माध्यम से रोक लगता है.राशि का गबन पर रोक लगता है. आवेदिका सरकारी सेवा में नहीं हो, उसके पति व वह आयकर दाता नहीं होना चाहिये. लाभार्थियों को इसका लाभ लेने के लिये किसी कार्यालय व व्यक्ति से संपर्क करने की जरूरत नहीं है.वे दलालों के चक्कर में नहीं पड़े. इसमें जुड़ने के लिये किसी तरह की कोई फीस नहीं लगती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




