बच्चों के लिए हरी व ताजी सब्जी की आपूर्ति करेगी समिति

शिक्षा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन बच्चों को मिल सके इसके लिए शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना बनाकर दिशा-निर्देश जारी किये हैं.
समस्तीपुर : शिक्षा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन बच्चों को मिल सके इसके लिए शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना बनाकर दिशा-निर्देश जारी किये हैं. समस्तीपुर के सरकारी स्कूलों में एमडीएम के लिए सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से हरी सब्जियां उपलब्ध कराने की विभाग ने रणनीति बनायी है. इस संबंध में मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक मिथिलेश मिश्र ने एमडीएम डीपीओ को पत्र भेजा है. विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना में हरी सब्जी की आपूर्ति के लिए प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति एवं सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन संघ को वेंडर के रूप में प्राथमिकता देने का आदेश दिया है. ताकि ताजा व हरी सब्जी मध्याह्न भोजन में शामिल कर बच्चों को दिया जा सके. विद्यालयों में सब्जी आपूर्ति से समितियों को मजबूती मिलेगी. सब्जी उत्पादक समितियों का व्यवसाय बढ़ेगा. इससे समिति आर्थिक रूप से समृद्ध होगी. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि सहकारिता विभाग ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा था. शिक्षा विभाग के तहत सभी आवासीय विद्यालयों व प्रारंभिक स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन में उपलब्ध कराये जाने वाले भोजन में सब्जी आपूर्ति के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत सब्जी उत्पादक सहकारिता समितियों को प्राथमिकता देने की बात कही थी. यह भी कहा था कि बिहार विधानसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में वैसे मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, जेल, सरकारी कैंटीन, छात्रावास, आंनगबाड़ी केन्द्र व अन्य संस्थानों जिनमें नियमित रूप से सब्जी के उपभोक्ता हैं उन संस्थानों में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत गठित सहकारी समितियों से सब्जी की खरीदारी करने को प्राथमिकता प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है. शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छात्रावास व एमडीएम योजना में सब्जी आपूर्ति के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत गठित सहकारी समितियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है. बरसात के मौसम में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों की विशेष रूप से साफ-सफाई करने व किचन की भी समुचित साफ-सफाई निर्देश का दिया गया है. एमडीएम निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को गर्म एवं ताजा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए. स्कूल स्तर पर साफ-सफाई के अभाव में अप्रिय घटना की संभावना बनी रहती है. जिससे बचाव भी अत्यंत आवश्यक है. बरसात के मौसम में यह और भी चुनौती भरा कार्य हो जाता है. एमडीएम निदेशक ने भोजन में उपयोग किये जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही उसे इस्तेमाल करने, जल स्रोत व शौचालय की साफ-सफाई कराने और स्कूल स्तर पर कचड़ा प्रबंधन की समुचित प्रक्रिया का अनुपालन स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक व एमडीएम के प्रखंड साधन सेवी के माध्यम से कराने का निर्देश भी दिया है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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