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Samastipur News:ठंड के कारण 22 से 24 दिसंबर तक 10:00 से दोपहर 03:00 बजे तक ही चलेंगी कक्षाएं

Updated at : 21 Dec 2025 6:48 PM (IST)
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Samastipur News:ठंड के कारण 22 से 24 दिसंबर तक 10:00 से दोपहर 03:00 बजे तक ही चलेंगी कक्षाएं

छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, जिला पदाधिकार सह जिला दंडाधिकारी रौशन कुशवाहा ने सभी निजी व सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, जिला पदाधिकार सह जिला दंडाधिकारी रौशन कुशवाहा ने सभी निजी व सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया है. जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, जिसमें प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं. इसमें सुबह 10:00 बजे से पहले और शाम 03:00 बजे के बाद कक्षाएं संचालित करने पर प्रतिबंध रहेगा. विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश के अनुरूप अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का पुनर्निर्धारण करें. हालांकि, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए आयोजित विशेष कक्षाएं और परीक्षाएं इस आदेश के दायरे से बाहर रहेगी. यह आदेश 22 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा. 24 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा. जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

अभिभावकों ने डीएम से विद्यालय बंद करने का किया अनुरोध

ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अभिभावकों ने डीएम से विद्यालय बंद कराने का अनुरोध किया है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका असर न पड़े. अधिवक्ता दिगंबर चौधरी ने कहा कि कड़ाके की ठंड और शीतलहर जैसी स्थिति के चलते बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक लग गया है. कुछ जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं तो कुछ जिलों में टाइमिंग चेंज किया गया है. टाइमिंग चेंज होने से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होगी और बच्चे भी इसकी जद में आयेंगे. ठंड के मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी, निमोनिया, बुखार और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में स्कूल प्रबंधन की यह लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है. इधर अभिभावकों का कहना है कि शहर समेत पूरे जिले में ठंड का कहर बढ़ता जा रहा है. ठंड के बढ़ते प्रभाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हवा के कारण कनकनी बढ़ती जा रही है. ठंड बढ़ने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. सरकारी स्कूल हो या निजी स्कूल कड़ाके की ठंड में बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है. विशेषकर निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी जबकि सरकारी स्कूलों में वर्ग एक से दूसरी-तीसरी के बच्चों की परेशानी देख मन भर जा रहा है. बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान दिख रहे हैं. दूसरी तरफ सरकारी स्कूल में एचएम व निजी स्कूल में प्राचार्य व प्रबंधन यह सोच टेंशन में हैं कि ठंड में स्कूल आ रहे बच्चे किसी परेशानी में नहीं फंस जायें. इधर, धूप नहीं निकलने से पौ फटने के बाद भी दिन खुलने का पता नहीं चल रहा है. लोग देर तक बिछावन पर रजाई-कंबल में लिपटे रह रहे हैं. वहीं, दिन में गर्म कपड़ों में लोग घर में आग ताप समय बिता रहे हैं, वहीं दफ्तर से लेकर दुकान-बाजार तक पहुंचने के लिए उपर से नीचे तक खुद को गर्म कपड़ों में लपेटे रख रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Ankur kumar

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By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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