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Samastipur News:धाराप्रवाह पढ़ना सीखेंगे बच्चे, शिक्षक करेंगे मदद

Updated at : 18 Jul 2025 6:56 PM (IST)
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Samastipur News:धाराप्रवाह पढ़ना सीखेंगे बच्चे, शिक्षक करेंगे मदद

धारा प्रवाह बोलना बहुत से बच्चों के लिए एक चुनौती है. धाराप्रवाह पढ़ना सीखना एक बच्चे के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण, लेकिन लाभदायक कौशलों में से एक है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : धारा प्रवाह बोलना बहुत से बच्चों के लिए एक चुनौती है. धाराप्रवाह पढ़ना सीखना एक बच्चे के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण, लेकिन लाभदायक कौशलों में से एक है. इसमें कई कौशल और प्रक्रिया शामिल होती हैं. इन्हें विकसित होने में समय लगता है क्योंकि इसका मतलब है मस्तिष्क को नये कार्य सिखाना. अध्ययनों से पता चलता है कि जो बच्चे कम उम्र में पढ़ना सीखते हैं, उन्हें कई फायदे मिलते हैं. इनमें सामान्य ज्ञान में वृद्धि, शब्दावली में वृद्धि और यहां तक कि ध्यान और एकाग्रता में भी सुधार शामिल है. जिले के सभी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चे प्रतिदिन एक घंटे बोलकर पाठ पढ़ने का अभ्यास करेंगे. इसी तरह से हर दिन बेसिक गणित एवं गणित के प्रश्नों को त्वरित गति से हल करना अनिवार्य रूप से सिखाया जायेगा. इसको लेकर शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है. विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि सभी स्कूलों में बच्चे बेसिक गणित और गणित के प्रश्नों का हल करना प्रतिदिन एक घंटी में सीखेंगे. वहीं, प्रतिदिन दूसरी घंटी में एक घंटे हर बच्चे को पाठ्यपुस्तक बोलकर पढ़ना सिखाया जायेगा. प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ग शिक्षक इसके लिए जिम्मेदार होंगे, जो कक्षा के प्रत्येक बच्चे से पाठ पढ़वायेंगे और गणित का प्रश्न हल करायेंगे. पाठ पढ़ने और गणित बनाने की क्षमता का साप्ताहिक मूल्यांकन हर सोमवार को वर्ग शिक्षक करेंगे. पहली घंटी में पाठ पढ़ना और दूसरी घंटी में गणित की जांच होगी. वर्ग शिक्षक रविवार के लिए होमवर्क देंगे, ताकि वे सोमवार को जांच के लिए तैयारी कर सकें. विभाग ने कहा है कि पाठ्य-पुस्तक को धारा प्रवाह पढ़ने एवं जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग के प्रश्न को सही-सही हल करने में और अभ्यास की जरूरत है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के परामर्श से टेस्ट पेपर तैयार कराया जायेगा. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कम उम्र में पढ़ना सीखने से बच्चों को आगे चलकर विज्ञान और गणित सहित अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में भी काफी फायदा होता है. शोध में पाया गया कि माता-पिता की पृष्ठभूमि और पढ़ने की आदतों को ध्यान में रखने पर शब्दावली में 14.4%, गणित में 9.9% और वर्तनी में 8.6% की वृद्धि हुई है जो बच्चा धाराप्रवाह पढ़ सकता है, उसका मस्तिष्क एक ही समय में कई कार्य करने में सक्षम होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABHAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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