कृषि यंत्र बैंक की होगी स्थापना
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 May 2016 5:18 AM (IST)
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कस्टम हायरिंग. कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देना योजना का उद्देश्य जहां किसान जानकारी व धन के अभाव में कृषि यंत्र का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, वहां सरकार ने कृषि यंत्र बैंक की स्थापना करने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना शुरू की है. इसके तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 फीसदी अनुदान […]
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कस्टम हायरिंग. कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देना योजना का उद्देश्य
जहां किसान जानकारी व धन के अभाव में कृषि यंत्र का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, वहां सरकार ने कृषि यंत्र बैंक की स्थापना करने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना शुरू की है. इसके तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 फीसदी अनुदान मिलेगा़ अनुदान को तीन श्रेणियों में बांटा गया है.
समस्तीपुर : सूबे में लघु एवं सीमांत किसानों की बहुलता है. फिर भी उनके बीच उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग कृषि कार्यों में बहुत कम किया जा रहा है. इसका असर लागत और उत्पादन पर पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने वैसे क्षेत्रों में जहां किसान जानकारी और धन के अभाव में कृषि यंत्र का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं उन क्षेत्रों में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना करने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना शुरू की है. ताकि,
इसके माध्यम से अधिक-से-अधिक क्षेत्रों में कृषि यांत्रीकरण का विस्तार हो सके. किसानों को समुचित लाभ मिल सके. जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार कृषि यंत्रों पर 40 फीसदी अनुदान देगी. इसके लिए अनुदान को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहला दस लाख रुपये मूल्य तक के कृषि यंत्र होंगे. इसके बाद 25 लाख रुपये मूल्य और तीसरी श्रेणी में 40 लाख रुपये मूल्य तक के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान की व्यवस्था की गयी है. इसमें स्वयं सहायता समूह,
पैक्स, व्यापार मंडल आदि को प्राथमिकता दी जायेगी. इनके माध्यम से किसानों को किराये पर विभिन्न कृषि यंत्रों को चलाने की सेवा उपलब्ध होगी. लघु व सीमांत किसानों और बटाइदारों तक इससे यांत्रीकरण का विस्तार होगा.
पैक्स, व्यापार मंडल, स्वयं सहायता समूह को प्राथमिकता
विभाग से मिला मार्गदर्शन
विभाग की ओर से भेजे गये मार्ग दर्शन में कहा गया है कि एक पंचायत में एक ही कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना की जायेगी. यदि पूर्व में किसी भी योजना से किसी पंचायत में केंद्र स्थापित हैं तो वहीं नये कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित नहीं किये जा सकेंगे. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कृषि पदाधिकारी को एजेंसी के रूप में नामित किया गया है. कृषि यंत्रों का क्रय कृषि निदेशालय, विभाग द्वारा सूचीबद्ध निर्माताओं या वितरकों से ही की जानी है. योजना के तहत स्वीकृत राशि सहायक अनुदान के रूप में बिहार कृषि प्रबंधन सह प्रसार प्रशिक्षण संस्थान बामेति को विमुक्त की जायेगी. इसके बाद बामेति द्वारा जिला स्तरीय आत्मा को राशि विमुक्त की जायेगी.
जिले में चार केंद्रों की होगी स्थापना
कृषि यंत्रों के कस्टम डायरिंग के लिए कृषि यंत्र बैंक की स्थापना का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित कर रखा है. वर्ष 2015-16 के लिए जारी लक्ष्य के अनुसार समस्तीपुर जिले को दस लाख की लागत वाले कृषि यंत्र पर अनुदान के लिए दो केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसी तरह 25 लाख रुपये लागत वाले कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान देने के लिए एक मात्र लक्ष्य निर्धारित की गयी है. वहीं 40 लाख रुपये लागत से केंद्र की स्थापना करने के लिए भी एक मात्र लक्ष्य निर्धारित हैं. इन सभी श्रेणियों में सरकार की ओर से 30 फीसदी अनुदान मिलेगा.
कस्टम हायरिंग के लिए जिले को लक्ष्य मिला है. कृषि यंत्र बैंक की स्थापना करने के लिए त्वरित कदम उठाये गये हैं. जल्द ही योजना को मूर्त रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले के किसानों को इस योजना का शत प्रतिशत लाभ मिल सके. उनका आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्थ हो सके.
रवींद्र सिंह, डीएओ, समस्तीपुर
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