स्वर्ण व्यवसायी के घर चोरी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 May 2015 8:48 AM
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दलसिंहसराय : स्वर्ण व्यवसायी के बंद पड़े घर को चोरों ने निशाना बनाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया. घटना थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर मेन बाजार (वार्ड संख्या 6) में स्वर्ण व्यवसायी अशोक जौहरी के घर घटी. संभवत: चोरों ने गुरुवार की रात चोरों को अंजाम दिया. जब घर के […]
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दलसिंहसराय : स्वर्ण व्यवसायी के बंद पड़े घर को चोरों ने निशाना बनाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया. घटना थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर मेन बाजार (वार्ड संख्या 6) में स्वर्ण व्यवसायी अशोक जौहरी के घर घटी. संभवत: चोरों ने गुरुवार की रात चोरों को अंजाम दिया. जब घर के सभी लोग इलाज के सिलसिले में दिल्ली गये हुए हैं.
घटना को लेकर व्यवसायी से फोन पर बातचीत के आधार पर नकदी व स्वर्णाभूषण समेत अन्य सामान चोरी होने की बात कही जा रही है. वैसे व्यवसायी के चचेरे दामाद प्रो. अनिल कुमार गुप्ता की सूचना पर थानाध्यक्ष सुबोध चौधरी ने घटना स्थल की जांच की.
वहीं दामाद के बयान पर ही मामले की प्राथमिकी कांड संख्या 167/15 थाने में दर्ज कर पुलिस अग्रेतर कार्रवाई में जुट गयी है. मामले को लेकर स्वर्ण व्यवसायी के चचेरे दामाद ने बताया कि उनके ससुर इलाज के सिलसिले में दिल्ली गये हैं. गुरुवार की शाम में स्थानीय एक व्यक्ति के लाइट जलाकर जाने तक सब ठीक ठाक था. मगर सुबह लाइट ऑफ करने जब पहुंचा तो दो कमरों के साथ मेन गेट का लॉक टूटा देख आसपास के लोगों को सूचना दी.
अंदर पहुंचकर देखने पर दो कमरों में गोदरेज, आलमीरा, बक्सा समेत अन्य के लॉक टूटे व सामान बिखरे मिले. तब पुलिस को सूचना दी गयी. दूसरी तरफ व्यवसायी के पहुंचने पर चोरी हुए सामानों की विस्तृत जानकारी मिलने की बात बतायी गयी. बताते चलें कि बीते छह माह में आधा दर्जन से अधिक बंद पड़े घरों में भीषण चोरी की घटना घट चुकी है.
अभी दो दिन पूर्व भी भगवानपुर चकसेखू मुहल्ले में चोरों ने दिनेश मिश्र के घर में चोरी की घटना को अंजाम देते हुए डेढ़ लाख रुपये के करीब नकदी व लाखों के स्वर्णाभूषण समेत अन्य वस्तु की चोरी कर ली थी. थानाध्यक्ष ने बताया कि चोरी की घटना को रोकने के लिए आवश्यक प्रयास व कार्रवाई चल रही है.
समस्तीपुर : आरएएयू स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा व भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से 2 मई से 6 मई तक का मौसम पूर्वानुमान जारी की गयी है. नोडल पदाधिकारी डा. आइबी पांडेय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पूर्वानुमान की अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में कभी-कभी हल्के बादल देखे जा सकते हैं. तराई के एकाध स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. हालांकि आमतौर पर मौसम के शुष्क रहने की भी बात कही है.
उन्होंने बताया कि पूर्वानुमान अवधि में औसतन 10 से 25 किमी प्रति घंटा की गति से पुरवा हवा चलेगी. जबकि सतही हवा सामान्य से तेज चल सकती है. सापेक्ष आद्र्रता सुबह में करीब 40 से 70 प्रतिशत, दोपहर में 15 से 35 प्रतिशत रहने का अनुमान है. न्यूनतम तापमान 32 से 39 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान के 22 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है. आज का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 22़ 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
किसानों को दिये गये कई सुझाव
वैज्ञानिकों ने किसानों को कई सुझाव दिये हैं. वैज्ञानिकों ने किसानों को सनई और ढैंचा की बुआई हरी खाद के लिए शुरू करने, हरा चारा के लिए मक्का, ज्वार, बाजरा तथा लोबिया की बुआई करने, ओल की रोपाई 75*75 सेंटीमीटर की दूरी पर करने, रोपाई के लिए ़5 किलोग्राम के कन्द का व्यवहार करने की बात कही है. वहीं गर्मी के मौसम में उपजने वाली साब्जियां भिन्डी, नेनुआ, करैला, लौकी (कद्दू), और खीरा की फसल में आवश्यकतानुसार निकाई-गुड़ाई करने, खीरा वर्गीय फसलों में चूर्णील फफूंदी नामक बीमारी से बचाव के लिए 0.06 प्रतिशत केराथेन नामक दवा का छिड़काव करने, लत्तर वाली सब्जियों जैसे नेनुआ, करैला, लौकी (कद्दू), और खीरा में लाल भृंग कीट से बचाव के लिए डाइक्लोरवांस 76 इसी/ 1 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने की सलाह दी है.
भिंडी फसल में माइट कीट की निगरानी करते रहने की भी बात कही है. अगर प्रकोप दिखाई दे रही हो तो ईथियांन 1.5 से 2 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने की भी बात कही है. वहीं बैगन तथा टमाटर की फसल को तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए ग्रसित तना एवं फलों को इकठा कर नष्ट कर दें, यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड 48 इसी/ 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें.
वहीं बसंतकालीन ईख फसल में कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाओं का व्यवहार कीट के प्रकोप को कम करने के लिए करें.
पशुपालकों को भी मिला सुझाव
वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को भी कई सुझाव दिय हैं. वैज्ञानिकों ने तापमान के बढ़ने की संभावना को देखते हुए अपने पशुओं को छायादार सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है. वहीं दुधारु पशुओं के खाने में प्रोटीन की मात्र बढ़ा दें साथ ही नियमित रुप से दाने के साथ कैल्सियम भी अपने पशुओं को खिलायें. पशुओं को अधिक मात्र में स्वच्छ पानी पिलायें.
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