वेतनमान को ले की पदयात्रा

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समस्तीपुर : बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के राज्य इकाई के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों के समान काम के लिए समान वेतनमान की मांग के समर्थन में एक दिवसीय उपवास धरना कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को बिहार कर्मचारी महासंघ भवन परिसर में किया गया. वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से नियोजित शिक्षकों की जायज […]

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समस्तीपुर : बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के राज्य इकाई के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों के समान काम के लिए समान वेतनमान की मांग के समर्थन में एक दिवसीय उपवास धरना कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को बिहार कर्मचारी महासंघ भवन परिसर में किया गया. वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से नियोजित शिक्षकों की जायज मांग को मानकर हड़ताल समाप्त कराने की मांग सरकार से की.

मौके पर मो. रईसुद्दीन, डॉ पवन कुमार पासवान, पवन कुमार यादव, शिवचंद्र राय, शंकर दास, तारणी प्रसाद महतो, देवेंद्र चौधरी, गणोश यादव, सुनील कुमार, राम नारायण राय, अरविंद कुमार, मो. कयूम, सतीश कुमार सिन्हा, मो. जयाउद्दीन अंसारी, मो. इमतेयाज अहमद, लाल मोहम्मद, राज कुमार पासवान, जय प्रकाश चक्रवर्ती, चंद्रकांत, अमर सिंह, चंदन कुमार, हरेकृष्ण राय, संजीत कुमार राय, राजीव रंजन, प्रमोद कुमार सिंह, उमेश प्रसाद, मो. मुमताज आलम, मो. बरकत अली आदि ने संबोधित किया.

विद्यापतिनगर : वेतनमान की मांग पर अड़े आंदोलनरत शिक्षक सोमवार को पद यात्रा निकाल अपने आंदोलन को गति देंग़े दसवें दिन बीआसी पर धरना कार्यक्रम में शामिल बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ विद्यापतिनगर ने आशय की जानकारी दी है. पद यात्रा में प्रतिनिधि व अभिभावक के साथ होने की बात कही गयी है़ संघ के अध्यक्ष कैलाश राय ने बताया कि राज्य स्तरीय संघ के 23 मार्च से प्रारंभ किये गये आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा में यह अगला कदम है़ पद यात्रा प्रखंड संसाधन केंद्र से प्रारंभ होकर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर समर्थ की मांग करेगा़

धरना कार्यक्रम में संगीता कुमारी,सुनीता क ुमारी, रेणु कुमारी, कामिनी कुमारी, सुखदेव चौधरी, सुनिल कुमार सिंह, शंकर दास, सुधीर कुमार साह, अरुण कुमार पंडित, इंदु कुमारी के अलावाअन्य नियोजित शिक्षक शामिल थ़े

मोहनपुर : नियोजित शिक्षकों की हड़ताल दशवें दिन भी जारी रही. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन्द्रकांत सिंह ने बताया कि काम नहीं करने का दुष्प्रभाव नियोजित शिक्षकों के वेतन पर पर सकता है. बहरहाल नियोजित शिक्षक बेमियादी हड़ताल का प्रभाव प्रखंड के शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है.

दलसिंहसराय : शिक्षकों की हड़ताल के कारण अधिकतर विद्यालय बंद रहे. नामांकन प्रक्रिया ठप है. बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र राय ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

बिथान : नियोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशेक कुमार विमल के नेतृत्व में शिक्षकों की हड़ताल जारी है.

विभूतिपुर : शिक्षकों ने संजीव कुमार की अध्यक्षता में संकल्प सभा कर हड़ताल पर डटे रहने का निर्णय लिया.

शिक्षकों के समर्थन में उतरे भाजपा नेता

समस्तीपुर : समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल शनिवार को दसवें दिन भी जारी रहा. बहादुरपुर स्थित बीआरसी पर शिक्षक धरना पर बैठे रहे. शिक्षकों की मांग के समर्थन में बीआरसी पहुंचे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राम सुमरिन सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है. गरीब, दलित व अभिवंचित समूह के बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षकों की मांग जायज है.

सरकार इनकी मांगें पूरी करें अन्यथा भाजपा कार्यकर्ता इनके समर्थन में सड़क पर उतरेगी. प्रखंड अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता नवीन कुमार झा, हेमंत कुमार मिश्र, विजय कुमार चौधरी आदि ने भी इन्हें समर्थन देने का वादा किया. इधर, शिक्षकों ने हरिमोहन चौधरी की अध्यक्षता में सभा की. जिसे शंभु कुमार सुमन, राज कुमार, अरुण कुमार यादव, मनोरंजन कंठ, राजेश कुमार, शिवनाथ चौधरी, चंद्रशेखर प्रसाद, अजीत कुमार, अमित कुमार, श्रवण कुमार, राजेश कुमार मंडल, कुमारी अंजुमणि, अर्पणा कुमारी, संगीता कुमारी, सुनीता कुमारी, अमरेंद्र कुमार, वीणा कुमारी, रंजना कुमारी, कविता कुमारी, रेखा कुमारी, श्वेता गुप्ता, गीता कुमारी, किरण कुमारी, राजीव रंजन आदि ने संबोधित करते हुए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया.

हड़ताल से नौनिहालों के भविष्य पर ग्रहण

समस्तीपुर. वेतनमान की मांग को लेकर गत 9 अप्रैल से नियोजित शिक्षकों द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दावं पर लग गया है़

बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाने से अभिभावकों में आक्रोश बढ़ने लगा है़ उल्लेखनीय है कि नियोजित शिक्षक वेतनमान की मांग को लेकर शैक्षणिक कार्य व एमडीएम योजना का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहे है़ लेकिन शिक्षकों के जिद और सरकार की खामोशी के बीच खासकर गरीब बच्चे पिसने को विवश है़

जिले के कुल 2681 विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है़ ऐसे में चांदी नियमित शिक्षकों की भी कटने लगी है़ कई विद्यालय ऐसे है जहां हड़ताल की आड़ में नियमित शिक्षक हाजिरी बना रफ्फू चक्कर होने की बात सामने आ रही है़

हड़ताल के कारण नए सत्र के बच्चों के नामांकन का कार्य भी अधर में लटक गया है़ इससे अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गयी है़ उनके समक्ष स्थिति ‘न घर के न घाट के’ की जैसी हो गई है़ वजह साफ है कि अगर ज्यादा दिनों तक हड़ताल चली, तो बच्चों का नामांकन निजी स्कूलों में भी असंभव हो जायेगा़ निजी स्कूलों की हालत यह है कि 15 अप्रैल तक अधिकांश निजी स्कूल सीट नहीं होने व नामांकन का कोटा पूरा होने की बात कही जा रही है़

इसके पीछे वजह यह भी बताया जा रहा है कि सरकारी स्कूल में नामांकन की इच्छा रखने वाले अभिभावक ने शिक्षक व सरकार की रवैये को भाप निजी स्कूलों में जैसे-तैसे नामांकन कराना बेहतर समझा है़ लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों की ओर से विलंब ही सही हड़ताल समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है़

वर्तमान हालत को देख अब शिक्षा का अधिकार कानून की उड़ रही धज्जियां पर भी सवाल खड़ा होने लगा है़ इस कानून के तहत 6 से 14 साल के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रारंभिक से माध्यमिक स्कूल तक शिक्षा देने का प्रावधान है़ लेकिन जिम्मेवार सरकार व सिस्टम द्वारा इसका भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है.

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