उर्वरक का व्यवहार फसल उत्पादन में महंगी लागत : डॉ झा

Updated:
विज्ञापन

पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के वैज्ञानिक डॉ शंकर झा ने किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में उर्वरक का व्यवहार काफी महंगी लागत है. जिसे कम करने के लिए मिट्टी की जांच कराना नितांत जरूरी है. बिना मिट्टी जांच उर्वरकों का उपयोग समय एवं श्रम दोनो का ही बरबादी है. क्षेत्र भ्रमण […]

विज्ञापन

पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के वैज्ञानिक डॉ शंकर झा ने किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में उर्वरक का व्यवहार काफी महंगी लागत है. जिसे कम करने के लिए मिट्टी की जांच कराना नितांत जरूरी है. बिना मिट्टी जांच उर्वरकों का उपयोग समय एवं श्रम दोनो का ही बरबादी है. क्षेत्र भ्रमण के दौरान पाया गया है कि बिना जरूरत के भी किसानों उर्वरकों का व्यवहार कर रहा है. इसका फसलों पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है. इससे उपज क्षमता से क्षीण होता ही है साथ में मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों में असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाती है. नमूना लेने में किसान ध्यान दें कि प्रत्येक खेतों का अलग अलग मिट्टी जांच के लिए लें. छायादार जगहों से मिट्टी के नमूना नहीं लें. अगर खेत में फसलों की पैदावार में, मिट्टी के बनावट संरचना व स्थल में स्पष्ट रूप से भिन्नताएं है. तो प्रत्येक भिन्नता के लिए अलग अलग नमूना लाना हितकर होगा. खेतों की पहचान के लिए खेसरा संख्या या फिर प्लाट के नाम लिख दें. किसान के लिए आरएयू से यह व्यवस्था बिल्कुल मुफ्त है मगर कोई संस्थान या एनजीओ के माध्यम से विश्वविद्यालय शुल्क का भुगतान करना होता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन