शिक्षकों की होली रही फीकी, होली जैसे पर्व में भी शिक्षकों को नहीं मिला वेतन

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शिक्षकों की होली रही फीकी, होली जैसे पर्व में भी शिक्षकों को नहीं मिला वेतन

शिक्षक रोज समय से हाजिरी बनाते हैं एवं अपने मनोयोग से बच्चों को पढ़ाते हैं.

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सहरसा बिहार स्टेट टीचर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि शिक्षकों को अपने किए हुए दो महीने से कार्य का वेतन होली जैसे पर्व पर भी नहीं मिलना बहुत ही चिंता का विषय है. शिक्षक वेतन के लिए परेशान हैं. जबकि शिक्षक अपने मनोयोग से शिक्षा प्रदान करते हैं. फिर भी समय से शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पाता है. जिला उपाध्यक्ष सुरंजन कुमार ने कहा कि सभी शिक्षक ने लोन ले रखा है एवं होली जैसे महान पर्व में शिक्षकों को वेतन नहीं मिलना काफी निंदनीय है. एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है. शिक्षक रोज समय से हाजिरी बनाते हैं एवं अपने मनोयोग से बच्चों को पढ़ाते हैं. इसके बावजूद भी होली जैसे पर्व में शिक्षकों का जीओभी से भुगतान होने वाले शिक्षकों का भी वेतन एवं विशिष्ट शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हुआ है जो घोर निंदनीय है. उन्होंने कहा कि स्थापना कार्यालय द्वारा शिक्षकों के प्रति उदासीन रवैया के कारण शिक्षकों का समय से वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है. ना ही शिक्षकों का एचआरएमएस ऑन वोटिंग हो रहा है.

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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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