सहरसा में पशु सखियों को मिली विशेष ट्रेनिंग, पशुपालन से बढ़ेगी हजारों ग्रामीण महिलाओं की आय

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सहरसा - प्रशिक्षण का शुभारंभ करते अतिथि व अन्य

Saharsa News: सहरसा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पशु सखियों और सामुदायिक कैडरों को डेयरी एवं वैज्ञानिक पशुपालन का प्रशिक्षण दिया गया. इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.

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सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa News: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत करने की दिशा में सहरसा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत गुरुवार को पशु सखियों, सीएलएफ एंकर पर्सन और एलएचएस के लिए एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डेयरी और वैज्ञानिक पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है.

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार, संयंत्र प्रभारी कौशलेन्द्र कुमार तथा अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में पशु सखियां और सामुदायिक कैडर शामिल हुए.

गांव-गांव तक पहुंचेगी वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण, नस्ल सुधार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने पर उत्पादन बढ़ता है और पशुपालकों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है.

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित पशु सखियों को इतना सक्षम बनाना है कि वे गांव स्तर पर पशुपालकों को बेहतर तकनीकी सलाह और सेवाएं उपलब्ध करा सकें.

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम है पशुपालन

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सकता है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पशु सखियां गांवों में वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देंगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करें ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इसका लाभ उठा सकें.

Saharsa News: डेयरी प्रबंधन से बढ़ेगी आमदनी

प्रशिक्षण में डेयरी प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने बताया कि पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित पोषण और समय पर उपचार से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि संभव है. इससे ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी.

कार्यक्रम में प्रबंधक लाइवस्टॉक अभिनव कुमार, जिला नोडल विक्रमादित्य, सुशील कुमार, खुशबू कुमारी, राहुल कुमार, डॉ. ज्ञान भारती, संदीप कुमार, मनोज कुमार सहित कई पदाधिकारी और संसाधन व्यक्ति उपस्थित रहे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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