ePaper

राम ने शिष्टतापूर्वक किया था तमाम मुश्किलों का सामना

Updated at : 18 Mar 2025 5:45 PM (IST)
विज्ञापन
राम ने शिष्टतापूर्वक किया था तमाम मुश्किलों का सामना

राम ने शिष्टतापूर्वक किया था तमाम मुश्किलों का सामना

विज्ञापन

नौ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा महापुराण संगीतमय भक्ति प्रेम ज्ञान यज्ञ शुरू सिमरी बख्तियारपुर . प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रायपुरा पंचायत के मोरकाही गांव में शिव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा महापुराण संगीतमय भक्ति प्रेम ज्ञान यज्ञ सोमवार को कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हो गयी. वहीं कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक डॉ अरुण कुमार यादव, सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार यादव सहित अन्य लोगों फीता काटकर किया. इस मौके पर कमेटी के सदस्यों के द्वारा सभी अतिथियों को पाग और चादर देकर सम्मानित किया. जिसके बाद कथा वाचक बैजू शास्त्री महाराज के द्वारा कथा की विधिवत शुरुआत की गयी. कथा के पहले दिन उन्होंने राम कथा का प्रवचन करते हुए कहा कि सही रूप से श्रीराम कथा का प्रारंभ सती प्रसंग के रूप में ही शुरू होता है. सती प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान ने सांसारिक कथा सुनायी थी तो भगवान शंकर ने घोर तपस्या में लीन होकर उसे सुना था. जबकि सती पूरे ध्यान पूर्वक यह नहीं सुन सकी. जिस कारण उसके जीवन में भ्रम की स्थिति कई बार रही. जबकि शिव इस ज्ञान के बारे में पूर्ण रूप से ज्ञाता हो गये थे. एक बार जब शिवजी सती के साथ जंगल में भ्रमण के लिए जा रहे थे तो रास्ते में उन्होंने रोते हुए श्रीराम मिले. क्योंकि रावण माता सीता का हरण करके ले गया था और श्रीराम पेड़-पौधों व जंगल में उसे ढूंढते फिर रहे थे और विलाप कर रहे थे. शिवजी ने उन्हें पहचान लिया और हाथ जोड़कर खड़े हो गये. सती ने उन्हें नहीं पहचाना तो सती शिवजी को कहने लगी कि आप इस साधारण मानव के सामने क्यूं खड़े हैं तो शिव ने कहा कि ये साधारण मानव नहीं है, बल्कि मेरे भगवान है. इसलिए मैं इनकी पूजा में खड़ा हूं. बैजू शास्त्री ने कहा कि राम का महत्व इसलिए नहीं है, क्योंकि उन्होंने जीवन में इतनी मुश्किलें झेली. बल्कि उनका महत्व इसलिए है कि उन्होंने उन तमाम मुश्किलों का सामना बहुत ही शिष्टता पूर्वक किया. उस दौरान वे एक बार भी न तो क्रोधित हुए, न उन्होंने किसी को कोसा और न ही घबराए या उत्तेजित हुए. हर स्थिति को उन्होंने बहुत ही मर्यादित तरीके से संभाला. वहीं कथा के अंत में भगवान श्रीराम की आरती की गयी. इस मौके पर भक्ति संगीत का भी आयोजन किया गया. इस मौके पर चिरंजीवी कुमार, मनोज कुशवाहा, रणबीर कुमार, राजीव कुमार, मुकेश कुशवाहा, रविंद्र कुमार, नीतीश कुमार, भूषण कुमार मेहता, सुधीर कुमार, राजेंद्र सिंह, अमित कुमार, उदय कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन