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गरमा बीज वितरण में जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहने पर डीएम ने की प्रशंसा

Updated at : 11 Apr 2025 7:36 PM (IST)
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गरमा बीज वितरण में जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहने पर डीएम ने की प्रशंसा

गरमा बीज वितरण में जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहने पर डीएम ने की प्रशंसा

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डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की हुई बैठक सहायक निदेशक पौधा संरक्षण से स्पष्टीकरण की मांग एवं वेतन स्थगित करने का दिया निर्देश सहरसा . जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने रबी आच्छादन, उर्वरक, बीज वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फार्मर रजिस्ट्री, कृषि यांत्रिकरण योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. गरमा मौसम में पांच प्रकार का बीज मूंग, उड़द, मूंगफली, रागी मरूआ, कौनी, चीना, सावा, सूर्यमुखी, तिल एवं जूट का प्राप्त लक्ष्य 1301.20 क्विंटल के विरूद्ध कुल प्राप्त 1301 क्विंटल बीज के आलोक में 1301 क्विंटल बीज का वितरण किसानों के मध्य कर दिया गया है जो शत-प्रतिशत है. गरमा बीज वितरण में जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है. जिलाधिकारी द्वारा प्रशंसा की गयी व इसी प्रकार कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि फिर से उड़द बीज में दो सौ क्विंटल एवं मूंग बीज में 855 क्विंटल का लक्ष्य प्राप्त हुआ. जिसके आलोक में 10 अप्रैल को नौ सौ क्विंटल बीज प्राप्त हुआ है. जिसे प्रखंडवार उपावंटित करते हुए उपलब्ध करा दिया गया है. जिलाधिकारी ने निदेशित किया कि एक सप्ताह में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक व किसान सलाहकार द्वारा किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर शत-प्रतिशत बीज वितरण कराना सुनिश्चित करें. रबी आच्छादन में लगाये गये चना, तीसी एवं जई का स्थलीय निरीक्षण सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी से कराते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए पूर्व बैठक में निदेशित किया गया था. लेकिन आपेक्षित प्रगति नहीं होने के विरूद्ध संबंधित सभी से जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण पृच्छा के लिए निदेशित किया. वर्त्तमान में जिला में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया गया कि वर्त्तमान में 49386 बैग यूरिया, 26002 बैग डीएपी, 51625 बैग एमओपी, 40698 बैग एनपीके एवं 8417 बैग एसएसपी उपलब्ध है. उर्वरक नमूना, कीटनाशी संग्रहित नमूना की समीक्षा के क्रम में अप्रैल से मार्च तक सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण को दिये गये उर्वरक नमूना का लक्ष्य 38 के विरूद्ध 36 नमूना एवं कीटनाशी संग्रहित नमूना का लक्ष्य 10 के विरूद्ध नौ नमूना संग्रहित किया गया है. शत्-प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं करने के संबंध में स्पष्टीकरण की पृच्छा की गयी. ऑनलाईन बीज एवं उर्वरक अनुज्ञप्ति प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में बीज, उर्वरक अनुज्ञप्ति में निर्धारित समय सीमा के तहत पाया गया. उर्वरक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा में कुल 392 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. जिसमें 27 प्रतिष्ठानों में अनियमितता पायी गयी. जिसमें चार की अनुज्ञप्ति निलंबित किया गया, तीन रद्द किया गया एवं 27 से स्पष्टीकरण पृच्छा की गयी है. प्रखंडवार उर्वरकों की उपलब्धता के सत्यापन के लिए पॉश मशीन एवं भौतिक रूप से उपस्थित उर्वरक की जांच सभी संबंधित उर्वरक निरीक्षक से एक सप्ताह के अंदर कराते हप्रगति प्रतिवेदन से अवगत कराने के लिए निदेशित किया. लक्ष्य के अनुरूप कम निरीक्षण करने वाले निरीक्षकों के विरूद्ध आवष्यक कार्रवाई करने के लिए निदेशित किया. जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत उर्वरक प्रतिष्ठानों पर दीवाल लेखन में संधारित रेट चार्ट में उर्वरक मूल्य तालिका के साथ संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, पंचायत कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार का मोबाईल नंबर अंकित कराने का निर्देश दिया. साथ ही उर्वरक उपलब्धता की सूचना प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें. जिससे किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में किसान सीधे संपर्क स्थापित कर अपनी समस्या का निदान करा सके. सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण द्वारा बताया गया कि कृषि यांत्रिकरण योजना में इस वित्तीय वर्ष में कुल 289.80 लाख के लक्ष्य के विरू़द्व 262.41 लाख की उपलब्धि प्राप्त है. जो 90.55 प्रतिशत है. जिलाधिकारी ने निदेशित किया कि वैसे बड़े यंत्र जिसे जिला में स्थानीय अधिकृत विक्रेता द्वारा कृषकों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है उसे चिन्हित करते हुए उसके स्थान पर जिस यंत्र की मांग जिला में अधिक है, उसकी रूपरेखा तैयार कर निदेशालय को उपलब्ध कराएं. जिससे अत्याधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके. साथ ही प्रखंड स्तर पर आधुनिक कृषि यंत्र प्रदर्शनी के लिए भी विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई करें. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के सभी अंचल में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करना है. प्रत्येक अंचल से दो-दो राजस्व ग्राम का चयन किया गया है. सहायक निदेशक उद्यान की समीक्षा के क्रम में सभी घटकों में कम उपलब्धि रहने के कारण पृच्छा के क्रम में बताया गया कि अनुसूचित जनजाति में लाभुक नहीं मिलने के कारण उपलब्धि नहीं हो पाई. जिस संबंध में जिलाधिकारी ने क्षोभ व्यक्त किया. इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की. सहायक निदेशक रसायन की समीक्षा के क्रम में सभी प्रखंडों में लक्ष्य का उपावंटन करते निर्धारित समय तक शत्-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए निदेशित किया. सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण द्वारा प्रतिवेदन ससमय उपलब्ध नहीं कराने पर जिलाधिकारी ने क्षोभ व्यक्त करते स्पष्टीकरण की मांग एवं वेतन स्थगित करने के लिए निदेशित किया. वहीं उप परियोजना निदेशक आत्मा, लघु सिंचाई, सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, सहकारिता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग, गव्य विकास सहित अन्य संबंधित विभागों की गहन समीक्षा करते दिशा निर्देश दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त, प्राचार्य मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, परियोजना निदेशक आत्मा, जिला सहाकारिता पदाधिकारी, जिला सांख्यकी पदाधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग, जिला जनसंपर्क, पदाधिकारी, जिला परामर्शी जिला कृषि कार्यालय, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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