बकाया भुगतान को लेकर आशा व वैक्सीन कुरियर कर्मियों का धरना

Updated at : 20 Mar 2026 6:45 PM (IST)
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बकाया भुगतान को लेकर आशा व वैक्सीन कुरियर कर्मियों का धरना

बकाया भुगतान को लेकर आशा व वैक्सीन कुरियर कर्मियों का धरना

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दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, 8 माह से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से कर्मियों में भारी आक्रोश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम सिमरी बख्तियारपुर. प्रखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले आशा, आशा फैसिलिटेटर एवं वैक्सीन कुरियर कर्मियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है. पिछले आठ महीनों से प्रोत्साहन एवं पारितोषिक राशि का भुगतान लंबित रहने से नाराज कर्मियों ने शुक्रवार को अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरना के दौरान कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और शीघ्र भुगतान नहीं होने पर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी. यह धरना-प्रदर्शन बिहार राज्य आशा एवं फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया. प्रदर्शन के उपरांत संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और लंबित राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग की. परिवारों के सामने उत्पन्न हुई भुखमरी की नौबत धरने को संबोधित करते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि आशा व वैक्सीन कुरियर कर्मी दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें समय पर उनका मेहनताना नहीं मिल रहा है. समय पर पैसा न मिलने के कारण कर्मियों के सामने भयानक आर्थिक संकट गहरा गया है और कई परिवारों के समक्ष तो अब भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ को किया जा रहा नजरअंदाज मौके पर वैक्सीन कुरियर संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे कर्मी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन आठ-आठ महीने तक भुगतान रोक कर रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है. यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे. वहीं आशा फैसिलिटेटर संघ की अध्यक्ष कुमारी मुस्कान ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं, लेकिन विभाग द्वारा उन्हें ही सबसे अधिक नजरअंदाज किया जा रहा है. मेहनत का पैसा न मिलने से कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है. 1 अप्रैल से ठप करेंगे काम धरना – प्रदर्शन के अंत में कर्मियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी बकाया राशि का जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो वे आगामी 1 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करते हड़ताल शुरू करने को बाध्य होंगे. कर्मियों ने स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि भविष्य में प्रखंड की आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े.

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