बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर पर बड़ा बदलाव, नई नीति बनेगी, अब ‘स्टूडेंट-टीचर रेशियो’ से होगा तबादला

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 20 Mar 2026 9:05 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब नई नीति के तहत शिक्षक-छात्र अनुपात के आधार पर स्थानांतरण होगा, जिसके लिए सरकार ने कमेटी गठित कर दी है.

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Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है. राज्य सरकार अब शिक्षकों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने जा रही है. इसके लिए नई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें पहली बार ‘शिक्षक-छात्र अनुपात’ को आधार बनाया जाएगा. इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में संतुलन लाने की कोशिश की जा रही है.

5.87 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर

नई नीति लागू होने के बाद राज्य के करीब 5.87 लाख शिक्षकों के स्थानांतरण पर इसका सीधा असर पड़ेगा. यह व्यवस्था बिहार के 71 हजार प्रारंभिक स्कूलों और 9360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू की जाएगी.

अब ‘मानक मंडल’ तय करेगा कितने शिक्षक होंगे स्कूल में

नई व्यवस्था के तहत हर स्कूल में शिक्षकों की संख्या तय करने के लिए ‘मानक मंडल’ बनाया जाएगा. इसी मानक के आधार पर यह तय होगा कि किस स्कूल में कितने शिक्षक होने चाहिए और उसी के अनुसार ट्रांसफर किया जाएगा. इस प्रक्रिया को ‘समानुपातिकरण’ कहा जा रहा है, जिससे सभी स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा.

नई नीति बनाने के लिए कमेटी गठित

राज्य सरकार ने नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी के अध्यक्ष शिक्षा सचिव बनाए गए हैं. इसके अलावा प्राथमिक शिक्षा निदेशक, कोशी प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना के अधिकारी और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सदस्य बनाया गया है.

15 दिनों में सौंपनी होगी रिपोर्ट

कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर नई नीति का ड्राफ्ट (नियमावली) तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंपे. इस संबंध में आदेश शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भंगरा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.

नई नीति लागू होने तक ट्रांसफर पर रोक

सरकार ने साफ कर दिया है कि नई नीति लागू होने तक शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा. इसका मतलब है कि फिलहाल सभी ट्रांसफर प्रक्रियाएं रुकी रहेंगी. प्रस्तावित नीति राज्य के सभी राजकीय और राजकीयकृत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर लागू होगी.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बड़ी कोशिश

सरकार का मानना है कि इस नई नीति से जहां शिक्षकों का सही वितरण होगा, वहीं छात्रों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सकेगा. अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि कमेटी कैसी नीति तैयार करती है और इसे कब तक लागू किया जाता है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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