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सहरसा की संस्कृति और धरोहर से सजेगा अमृत भारत का नया स्टेशन

Updated at : 12 Apr 2025 6:05 PM (IST)
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सहरसा की संस्कृति और धरोहर से सजेगा अमृत भारत का नया स्टेशन

सहरसा की संस्कृति और धरोहर से सजेगा अमृत भारत का नया स्टेशन

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अगले 10 दिनों में सहरसा की संस्कृति की दिखेगी झलक, डीआरएम के नेतृत्व में तीन सदस्य टीम हुई गठित सीनियर डीसीएम सहित 3 सदस्य टीम पहुंची सहरसा जंक्शन, किया निरीक्षण सहरसा. अमृत भारत स्टेशन का नया भवन कोसी की सांस्कृतिक धरोहर से सजेगी. अगले 10 दिनों में इसकी झलक दिखने लगेगी. लोकल आर्ट और कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमृत भारत स्टेशन का कोना-कोना लोकल कल्चर और सांस्कृतिक धरोहर से सजेगा. समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में इसके लिए तीन सदस्य टीम तैयार की गयी है. इस टीम में समस्तीपुर डिवीजन के सीनियर डीसीएम अनन्या स्मृति, सीनियर डीएफएम गन्नाथ झा के अलावा सीनियर डीइएन 3 उत्कर्ष कुमार शामिल सदस्य हैं. शनिवार को तीन सदस्यीय टीम सहरसा जंक्शन पहुंची. इसके बाद अमृत भारत का निरीक्षण किया. इसके अलावा लोकल आर्ट और कला से थीम पर वर्क होगा, इसके संशोधन और आइडिया पर वृहद रूप से चर्चा हुई. तीन सदस्यीय टीम के अधिकारियों ने बताया कि 10 दिनों के अंदर बुनियादी ढांचा तैयार होगा. वेटिंग रूम, सर्कुलेटिंग एरिया की दीवार, एंट्री गेट पर कोसी क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को लोकल आर्ट से दर्शाया जायेगा. उसके लिए लोकल आर्टिस्ट और एजेंसी को लगाया जायेगा. उद्घाटन से पहले सभी वर्क पूरा करने की गाइडलाइन जारी की गयी. युद्ध स्तर पर 10 दिनों के अंदर काम पूरा करने का भी निर्देश दिया गया. निरीक्षण में ओम कंस्ट्रक्शन के गुड्डू सिंह भी शामिल थे. वास्तु कला से प्रेरित होगा डिजाइन अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का यह एकीकृत दृष्टिकोण रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र पर केंद्रित शहर के समग्र शहरी विकास के विजन से प्रेरित होगा. पुनर्विकास कार्य से अच्छी तरह से सुव्यवस्थित यातायात सुविधा, इंटर-मोडल एकीकरण और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किए गए चिन्हों को सुनिश्चित करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. स्टेशन भवनों का डिजाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा. आर्ट गैलरी से सजेगा सर्कुलेटिंग एरिया सर्कुलेटिंग एरिया का कोना-कोना आर्ट गैलरी से सजेगा. लोकल आर्ट और मधुबनी पेंटिंग्स से सर्कुलेटिंग एरिया की दीवारें सजेगी. सर्कुलेटिंग एरिया को पूरी तरह से हेरिटेज लुक दिया जायेगा. बाबा भुवनेश्वर धाम शिवलिंग भी होगा शामिल सहरसा के सांस्कृतिक और धरोहर के रूप में अमृत भारत स्टेशन पर बाबा भुवनेश्वर धाम शिवलिंग को भी शामिल किया जायेगा. मत्स्यगंधा के अलावा कोसी क्षेत्र की कई सांस्कृतिक धरोहर को शामिल करने के लिए डिवीजन को रिपोर्ट भेज दी गयी है. सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकभlरो गांव स्थित बाबा भुवनेश्वर धाम शिवलिंग को भी धरोहर के रूप में दर्शाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

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