ट्रेन व स्टेशन के साथ कालोनी की भी फक्रि करे रेलवे

Published at :09 Jan 2016 6:37 PM (IST)
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ट्रेन व स्टेशन के साथ कालोनी की भी फक्रि करे रेलवे

ट्रेन व स्टेशन के साथ कालोनी की भी फिक्र करे रेलवे प्रभात खासरेलवे कालोनी के नाला व सड़क पर ध्यान देने की है आवश्यकताप्रतिनिधि, सहरसा नगररेल ट्रैक पर दौड़ने वाली मेल एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए भारतीय रेल मंत्रालय हमेशा तत्पर रहता है. […]

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ट्रेन व स्टेशन के साथ कालोनी की भी फिक्र करे रेलवे प्रभात खासरेलवे कालोनी के नाला व सड़क पर ध्यान देने की है आवश्यकताप्रतिनिधि, सहरसा नगररेल ट्रैक पर दौड़ने वाली मेल एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए भारतीय रेल मंत्रालय हमेशा तत्पर रहता है. इसमें इसके अधीनस्थ विभागों को संचालित करने में कर्मियों की अहम् भूमिका रहती है. इसके बावजूद जंक्शन के समीप बने रेलवे कालोनी में असुविधाओं का अंबार है. रेल कर्मियों के परिजनों की सुरक्षा सहित जल निकासी व आवागमन के लिए व्यवस्था सुदृढ़ नहीं की गयी है. इसका खमियाजा रेल कर्मियों व उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है. रेल कर्मियों का है आवासरेलवे कालोनी सहरसा में पदस्थापित रेल कर्मियों के परिवार के लिए रेलवे कालोनी में आवास विभाग द्वारा मकान स्वीकृत किया जाता है. कालोनी में सुविधा विस्तार की जिम्मेवारी भी रेलवे की ही होती है. खास बात यह है कि स्थानीय निकाय चाह कर भी रेल परिक्षेत्र में विकास कार्य नहीं करवा सकती है. ऐसे में रेलवे कालोनी की बदतर हो रही स्थिति स्थानीय लोगों को खटकने लगी है. पूर्व में रेलवे कालोनी की सुव्यवस्थित कार्यशैली नजीर बना करती थी. नाला से फैल रहा संक्रमणरेलवे कालोनी स्थित आवासों से जल निकासी के लिए बनाये गये नालों के उपर ढक्कन नहीं है. इस वजह से जल जनित रोगों का संक्रमण बढ़ गया है. दूसरी तरफ नालों का आकार छोटा होने की वजह से पानी सड़कों तक पहुंच जाता है. इसके अलावा कई जगह नाला का निर्माण कराये जाने के बाद भी उसे घरों से कनेक्ट नहीं किया गया है.जर्जर होती गयी रेलवे की सड़करेलवे जंक्शन के पश्चिमी प्रवेश द्वार की डगर भी परेशानी से भरी हुई है. स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही जर्जर सड़कों से वास्ता पड़ने लगता है. रेलवे कालोनी की मुख्य सड़क पर कई जगह गड्ढा बन चुका है. वर्षो से रेलवे द्वारा उसकी फिलिंग नहीं करायी गयी है. इसके अलावा कालोनी की सड़कें भी नव निर्माण की बाट जोह रही है. सुरक्षा की नहीं है व्यवस्थारात-दिन भारतीय रेल की सेवा करने वाले कर्मी अपनी ड्यूटी को लेकर घरों से अधिकांश समय बाहर ही रहते हैं, वहीं उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने कोई व्यवस्था नहीं की है. रेलवे कालोनी का सीधा जुड़ाव निजी कालोनी से है, जबकि अन्य जगहों पर रेलवे कालोनी की सुरक्षा को लेकर लोहे की बड़े व छोटे आकार की ग्रिल लगायी गयी है. शराबियों से होती है परेशानीरेलवे कालोनी की मुख्य सड़क पर शाम होते ही शराबियों व नशेड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है. कालोनी के घरों में रहने वाली महिला व बच्चों को इससे सड़क पर निकलने में परेशानी होती है. स्थानीय निवासी बताते हैं कि गेट बना कर बाहरी व्यक्ति के कालोनी में अनावश्यक आवागमन को रोका जा सकता था. फोटो- नाला 4 – जाम व संक्रमण फैलता नालाफोटो- नाला 5 – वर्षों से बना नाला कालोनी से नहीं किया गया कनेक्ट

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