स्वान भवन में नहीं है प्रशिक्षित कुत्ता

Published at :08 Jan 2016 1:15 AM (IST)
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स्वान भवन में नहीं है प्रशिक्षित कुत्ता

रोजी व माका का है सबको इंतजार दूसरे जिले से पहुंचती है स्वान दस्ता की टीम पुलिस भवन निर्माण विभाग ने कराया है निर्माण सहरसा नगर : मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में बीते 18 मई 2015 को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्वान दस्ता भवन का उद्घाटन किया […]

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रोजी व माका का है सबको इंतजार

दूसरे जिले से पहुंचती है स्वान दस्ता की टीम
पुलिस भवन निर्माण विभाग ने कराया है निर्माण
सहरसा नगर : मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में बीते 18 मई 2015 को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्वान दस्ता भवन का उद्घाटन किया था, जिसका मकसद जिले में होने वाली आपराधिक वारदातों के बाद त्वरित जांच के लिए प्रशिक्षित स्वान को घटनास्थल पर भेजे जाने का था, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती की वजह से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्वान भवन में रहने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों को नहीं लाया गया है. लेटलतीफी की वजह से स्थानीय पुलिस को अनुसंधान में परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सभी सुविधाओं से लैस है घर:
पुलिस लाइन में बन चुके स्वान भवन में कुत्ते व उनके प्रशिक्षक सहित पुलिस कर्मी के रहने के लिए कमरे की व्यवस्था है. इसके अलावा कर्मी व कुत्ते के भोजन के लिए कीचन व वाकिंग के लिए गार्डन की भी सुविधा है. उन कुत्तों के लिए भवन में बाथरूम, सीढ़ी व रैंप भी बनाये गये हैं.
समय के साथ मिट जाता है साक्ष्य: फॉरेंसिक एक्सपर्ट बताते हैं कि घटना स्थल पर बिखरे प्रोपर्टी व रक्त के नमूने कुछ घंटों के बाद साक्ष्य के मामले में कमजोर पड़ने लगते हैं. ऐसे में डॉग स्कवाड का शीघ्र पहुंचना फायदेमंद होता है, जबकि स्थानीय थानों में हत्या, डकैती व चोरी की वारदात के बाद डॉग स्क्वायड को बुलाया जा चुका है.
ज्ञात हो कि पूर्णिया, दरभंगा से पहुंचने वाली डॉग रोजी व माका कई बार स्थानीय पुलिस को जांच में सहयोग कर चुकी है. इसके अलावा महत्वपूर्ण लोगों के कार्यक्रम से पूर्व भी स्वान दस्ता की मदद सुरक्षा के ख्याल से ली जाती रही है.
अभी सैप जवान का है आशियाना:
स्वान दस्ता के लिए बने मकान को स्वान नहीं रहने के कारण जिले में पदस्थापित सैप जवानों के जिम्मे डाल दिया गया है. जिसमें सैप के जवान रहते हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि पुलिस विभाग भवन निर्माण तक ही जागरूक रही, लेकिन दस्ता के लिए वरीय अधिकारियों से बात भी नहीं कर रही है.
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