बुरी है लत : पैसे दो या मुझे रौंद कर निकलो

बुरी है लत : पैसे दो या मुझे रौंद कर निकलोचौकिये मत. ये कोई पुलिसवाला नहीं है. बिहार की सड़कों पर बड़ी गाड़ियों को रोक अपना नजराना वसूलते अक्सर नजर आते हैं. यह युवक है खगड़िया जिले के कमलपुर गांव का. लंबाई कम व पैर से नि:शक्त है. इंटर पास यह युवक सहरसा जिले के […]
बुरी है लत : पैसे दो या मुझे रौंद कर निकलोचौकिये मत. ये कोई पुलिसवाला नहीं है. बिहार की सड़कों पर बड़ी गाड़ियों को रोक अपना नजराना वसूलते अक्सर नजर आते हैं. यह युवक है खगड़िया जिले के कमलपुर गांव का. लंबाई कम व पैर से नि:शक्त है. इंटर पास यह युवक सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रानीबाग एनएच 107 पर खड़ा हो बड़ी गाड़ियों को रोक पैसे वसूल रहा है. ड्राइवर ने पैसे देने में आनाकानी की, तो गाड़ी के सामने खड़ा हो जाता है. जाम लगता है. हार कर ड्राइवर पैसे दे देता है. पैसे मिलते ही नशे की खोज में चल देता है. कहीं न कहीं यह इसका रोज का काम है. फोटो । अजय कुमार
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