10 लाख की लागत से बना 800 मीटर चचरी पुल बहा, लाखों लोगों का संपर्क टूटा

प्रखंड अंतर्गत कोसी पूर्वी तटबंध के अंदर बसे सात पंचायतों के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन भारी संकट लेकर आया.
नेपाल के तराई में मूसलाधार बारिश का असर
तय समय से एक माह पहले ही बह गया पुल, पांच मिनट का सफर अब 3-4 घंटे में हो तय
नवहट्टा. प्रखंड अंतर्गत कोसी पूर्वी तटबंध के अंदर बसे सात पंचायतों के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन भारी संकट लेकर आया. कोसी नदी के असैय-कैदली घाट पर करीब 10 लाख रुपये की लागत से बना 800 मीटर लंबा चचरी पुल अचानक बढ़े जलस्तर के कारण दोपहर में बह गया. नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसका सीधा असर इस अस्थायी पुल पर पड़ा. निर्धारित समय से लगभग एक माह पहले ही पुल का बह जाना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. इस पुल के सहारे तटबंध के अंदर बसे करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग सीधे प्रखंड और जिला मुख्यालय से जुड़े हुए थे. पुल बह जाने के बाद अब लाखों की आबादी का सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है.
सबसे अधिक प्रभावित गांव
डरहार, बकुनिया, असैय, कैदली, हाटी, नौला, सत्तौर, गोविंदपुर, बड़वा बकुनिया,परताहा, झरबा, देवका, मुरली,कठवार, बरहारा समेत दो दर्जन से अधिक कई गांव अब अलग-थलग पड़ गये हैं. पहले जहां लोग महज पांच मिनट में नदी पार कर प्रखंड मुख्यालय पहुंच जाते थे, अब उन्हें 3 से 4 घंटे का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा. इससे दैनिक जीवन, बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है.
जनजीवन पर बड़ा असर
तटबंध के अंदर रहने वाले लोगों के लिए यह पुल जीवनरेखा था. इसके बह जाने से लोगों को अब आगामी छह महीनों तक भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. स्थानीय लोग खुद को मानो कैद में महसूस कर रहे हैं.
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